धर्म
तिरुपति में वेंकटेश्वर स्वामी की मूर्ति बहुत ही खास और महान मूर्ति है. देश-विदेश से श्रद्धालु इस मूर्ति के दर्शन के लिए आते हैं. हालांकि, यहां वेंकटेश्वर स्वामी की मूर्ति की आंखें बंद रखी जाती हैं. क्या आप जानते हैं क्यों? तिरुपति वेंकटेश्वर स्वामी की मूर्ति की आंखें बंद क्यों रखी जाती हैं?
तिरुपति में भगवान श्री हरि की मूर्ति को वेंकटेश्वर, बालाजी, वेंकटचलपति, वेंकटरमण, गोविंदा या श्रीनिवास जैसे कई नामों से जाना जाता है. तिरुपति में स्थित वेंकटेश्वर मंदिर भगवान विष्णु का एक रूप है. आंध्र प्रदेश के तिरुपति में स्थित वेंकटेश्वर मंदिर को बालाजी वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है .
तिरुपति वेंकटेश्वर स्वामी की मूर्ति बहुत ही खास तरीके से बनाई गई है. इसे पीतल धातु से बड़ी ही बारीकी से बनाया गया है और कहा जा सकता है कि इसमें दिव्यता बहुत अधिक है. वेंकटेश्वर स्वामी की यह मूर्ति असाधारण कलात्मकता दिखाने के अलावा आध्यात्मिक और दैवीय रूप से भी खास है. हालांकि, दिव्य रूप से शक्तिशाली वेंकटेश्वर स्वामी की मूर्ति की आंखें हमेशा बंद रहती हैं. क्या आप इसका कारण जानते हैं?
1. भगवान वेंकटेश्वर से संबंधित मान्यताएं:
यह न केवल अपार प्रेम, आस्था और कई चमत्कारों वाला मंदिर है, बल्कि यह एक समृद्ध आय वाला मंदिर भी है. ऐसा माना जाता है कि भगवान वेंकटेश्वर स्वामी ने कलियुग में सभी जीवों को पीड़ा से बचाने के लिए वेंकटेश्वर के रूप में तिरुपति में धरती पर निवास किया था .
2. कलियुग में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के नाम:
कलियुग में जब तक भगवान वेंकटेश्वर धरती पर हैं, तब तक कलियुग को कोई नष्ट नहीं कर सकता. इसी कारण से तिरुपति वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर को कलियुग का वैकुंठ कहा जाता है. कलियुग में लोग भगवान तिरुपति वेंकटेश्वर स्वामी को गोविंदा, श्रीनिवास और बालाजी जैसे कई नामों से पुकारते हैं.
3. भगवान वेंकटेश्वर की आंखें क्यों ढकी हुई हैं?
बहुत से लोग नहीं जानते कि आज भी भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर की मूर्ति की आंखें ढकी हुई हैं. ढकी हुई का मतलब पूरी तरह से ढकी हुई नहीं है. भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की आंखें नाम या सफेद कपड़े से ढकी हुई हैं. हर गुरुवार को नाम बदला जाता है. क्योंकि भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की आँखों में तीव्र ब्रह्मांडीय शक्ति है, और हम इसकी शक्ति को सीधे नहीं देख सकते हैं. इस कारण से, भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की आँखें नाम से ढकी हुई हैं.
चूँकि कोई भी भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की आंखों को सीधे नहीं देख सकता है, इसलिए उनकी आँखों को नाम और चंदन से ढका जाता है. अन्यथा, भक्तों को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा.
(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और लोक मान्यताओं और नियमों पर आधारित है. डीएनए इसकी पुष्टी नही करता है.)
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