धर्म
हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में शाम के बाद पेड़ों को छूने या उनके पत्ते तोड़ने की मनाही है. कई पेड़-पौधों को भाग्यशाली माना जाता है. शाम को सूर्यास्त के बाद इन्हें काटना शुभ नहीं माना जाता है.
सनातन धर्म में कई मान्यताएं हैं जो हमारे समाज के बड़े-बुजुर्ग हमें समय-समय पर बताते रहते हैं. ऐसी ही एक बात हम अक्सर सुनते हैं कि शाम हो गई है, पेड़-पौधों को मत छुओ और फूल मत तोड़ो. यह बात हम सदियों से एक-दूसरे से या अपने-अपने बाप-दादों से सुनते आ रहे हैं. लेकिन आइए जानते हैं इसके पीछे क्या मान्यता है.
धार्मिक कारण क्या है?
हिंदू धर्म में माना जाता है कि पेड़-पौधों में भी जीवन होता है और सूर्यास्त के बाद पेड़-पौधे भी आराम करते हैं. ऐसे में अगर हम शाम के समय पेड़-पौधों को छूते हैं तो उनके आराम में खलल पड़ सकता है. साथ ही हिंदू धर्म में किसी की नींद में खलल डालना या खलल डालना अनुचित माना जाता है, इसलिए हमारे घर में बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि पेड़-पौधों को न छूएं.
हिंदू धर्म में पेड़-पौधों को इंसानों और जानवरों की तरह ही जीवित प्राणी माना जाता है. यह भी माना जाता है कि अन्य सभी जीवित प्राणियों की तरह पेड़-पौधे भी सुबह उठते हैं और शाम को आराम करते हैं. जिस तरह सोते हुए व्यक्ति को बिना वजह जगाना अनुचित और पाप माना जाता है, उसी तरह पेड़-पौधे भी शाम ढलने के बाद सो जाते हैं, इसलिए शाम ढलने के बाद उन्हें छूना या उनके फूल-पत्तियां तोड़ना परेशानी का कारण माना जाता है. यह किया जाना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि रात के समय पेड़-पौधों को छूना या काटना पाप है
इसके अलावा ऐसा माना जाता है कि छोटे जानवर, पक्षी और कीड़े-मकौड़े भी पेड़ों पर आराम करते हैं. ऐसे में आपको शाम के समय पेड़ों को नहीं छूना चाहिए. इससे नींद तो उड़ती ही है, पशु-पक्षी भी इससे डर जाते हैं.
ये भी एक कारण हो सकता है
पूरे दिन खिले रहने के बाद सूर्यास्त के बाद फूलों की खुशबू और सुंदरता दोनों गायब हो जाती हैं. यदि ऐसे फूलों को तोड़कर भगवान को चढ़ाया जाए तो पूजा फलित नहीं होती है. सूर्यास्त के बाद फूल न तोड़ने का यह भी एक कारण हो सकता है.
क्या हैं वैज्ञानिक कारण?
शाम के समय फूल, पत्ते, पेड़-पौधों को नहीं छूना चाहिए इसका वैज्ञानिक कारण है. वैज्ञानिक दृष्टि से कहें तो पेड़-पौधे शाम के समय कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं. इसलिए रात के समय पेड़-पौधों के पास सोना, उन्हें छूना या काटना वर्जित है.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर्स से संपर्क करें.)
खबर की और जानकारी के लिए डाउनलोड करें DNA App, अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.