धर्म
इस साल का पहला सूर्य ग्रहण मार्च के अंत में लगने वाला है. क्या ये भारत में दिखेगा और क्या ग्रहण काल के दौरना सूतक लगेगा? चलिए जानें.
साल का पहला सूर्य ग्रहण, वर्ष के पहले चंद्र ग्रहण के 15 दिन बाद डोल पूर्णिमा पर घटित होने वाला है. इस वर्ष वर्ष का पहला सूर्यग्रहण शनि अमावस्या के दिन घटित होगा. इस दिन शनि पुनः अपनी राशि बदलेगा. स्वाभाविक रूप से, सूर्य ग्रहण के दिन ज्योतिष में यह संयोग विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है. वर्ष के पहले सूर्य ग्रहण और उससे संबंधित विभिन्न विवरणों पर यहां चर्चा की गई है.
वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण कब है?
वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को शनि अमावस्या के दिन लगने जा रहा है. यह आंशिक सूर्यग्रहण है, अर्थात सूर्य का केवल कुछ भाग ही ढका जायेगा. यह ग्रहण भारतीय समयानुसार 29 मार्च को दोपहर 2:21 बजे से शाम 6:14 बजे तक रहेगा. हालांकि ये सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा इसलिए सूतककाल भी मान्य नहीं होगा.
क्या सूतक काल का सम्मान किया जाएगा?
सूतक काल आमतौर पर सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले शुरू होता है और ग्रहण समाप्त होने के बाद समाप्त होता है. हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा.
सूर्यग्रहण कहां देखा जा सकता है?
यह सूर्यग्रहण बरमूडा, उत्तरी ब्राजील, फिनलैंड, जर्मनी, फ्रांस, हंगरी, आयरलैंड, ऑस्ट्रिया, उत्तरी रूस, स्पेन, बेल्जियम, पूर्वी कनाडा, सूरीनाम, मोरक्को, ग्रीनलैंड, स्वीडन, बारबाडोस, लिथुआनिया, हॉलैंड, पुर्तगाल, पोलैंड, नॉर्वे, यूक्रेन, स्विट्जरलैंड, इंग्लैंड और पूर्वी अमेरिका में दिखाई देगा.
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें
क्या करना चाहिए?
जो नहीं करना है, वह भी जान लें
Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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