धर्म
चातुर्मास आषाढ़ शुक्ल एकादशी तिथि से शुरू होगा और यह कार्तक शुक्ल एकादशी तिथि होगी. चातुर्मास के दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं. आइये जानते हैं चातुर्मास कब प्रारंभ होता है? चातुर्मास कब समाप्त होगा? चातुर्मास में क्यों नहीं किये जाते शुभ कार्य?
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी से चातुर्मास प्रारंभ हो जाएगा. यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तक रहेगा. आषाढ़ के शुक्ल पक्ष से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक के 4 माह को चातुर्मास के नाम से जाना जाता है. चातुर्मास के पहले दिन सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु निद्रा में चले जाते हैं. और 4 माह तक योग निद्रा में रहते हैं, जिसके कारण शुभ कार्य बंद हो जाते हैं. चातुर्मास में कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं. आइए उज्जैन के महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिषाचार्य डॉ. मृत्युंजय तिवारी से जानते हैं कि चातुर्मास कब से प्रारंभ हो रहा है और कब समाप्त होगा.
2025 में चातुर्मास कब शुरू होगा?
द्रिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष आषाढ़ शुक्ल एकादशी तिथि 5 जुलाई शनिवार को शाम 6:58 बजे से रविवार को रात 9:14 बजे तक है. उदयातिथि के आधार पर आषाढ़ शुक्ल एकादशी 6 जुलाई को है, इसलिए इस वर्ष चातुर्मास 6 जुलाई, रविवार से शुरू होगा.
चातुर्मास के पहले दिन 4 शुभ योग बनेंगे
चातुर्मास का पहला दिन देवशयनी एकादशी है. उस दिन 4 शुभ योग बनेंगे. चातुर्मास के पहले दिन साध्य योग, शुभ योग, रवि योग और त्रिपुष्कर योग बनेंगे. उस दिन विशाखा और अनुराधा नक्षत्र रहेंगे. भद्रा भले ही सुबह होगी, लेकिन उसका वास पाताल और स्वर्ग लोक होगा. देवशयनी एकादशी पर लोग व्रत रखेंगे और भगवान विष्णु की पूजा करेंगे. उस दिन से सभी देवता पूरे चातुर्मास के लिए सो जाएंगे.
2025 का चातुर्मास कब समाप्त होगा?
इस साल चातुर्मास 6 जुलाई से 1 नवंबर तक है. 1 नवंबर को देवउठी एकादशी के दिन चातुर्मास समाप्त हो जाएगा. उस दिन भगवान विष्णु योग निद्रा से बाहर आ जाएंगे और सभी देवता जाग जाएंगे. उसके बाद शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे.
चातुर्मास में कौन से शुभ कार्य नहीं किए जाएंगे?
1. चातुर्मास में विवाह वर्जित है. इन चार महीनों में विवाह के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं होता.
2. चातुर्मास के दौरान गृह प्रवेश नहीं किया जाता है. अगर आप अपने घर में गृह प्रवेश करना चाहते हैं तो आपको चातुर्मास के बाद ही शुभ मुहूर्त मिलेगा.
3. चातुर्मास में नामकरण, मुंडन और उपनयन संस्कार के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं होता है. ये कार्य भी इस महीने में नहीं किए जाते हैं.
चातुर्मास में शुभ कार्य क्यों नहीं किए जाते?
चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु समेत सभी देवता शयन करते हैं. देवताओं के शयन के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं. चातुर्मास के दौरान भगवान शिव सृष्टि का संचालन करते हैं. इसलिए चातुर्मास के दौरान शिव पूजा का विशेष महत्व है.
(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और लोक मान्यताओं और नियमों पर आधारित है. डीएनए इसकी पुष्टी नही करता है.)
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