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Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि के बाद कलश, चावल और नारियल का क्या करना चाहिए?

चैत्र नवरात्रि में नौ दिनों तक पूजा-अर्चना की जाती है, लेकिन कई लोगों के मन में सवाल होता है कि नवरात्रि के बाद कलश, चावल और नारियल का क्या किया जाना चाहिए? तो चलिए जानें इसके बारे में.

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Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि के बाद कलश, चावल और नारियल का क्या करना चाहिए?

नवरात्रि के बाद कलश, चावल और नारियल का क्या करना चाहिए?

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हिंदू धर्म के सबसे पवित्र 9 दिवसीय पर्व चैत्र नवरात्रि का आज नौवां दिन है. नवरात्रि के दौरान पूरे 9 दिनों तक पूजा-पाठ के साथ व्रत रखा जाता है.नवरात्रि का पहला दिन कलश स्थापना और घटस्थापना के साथ शुरू होता है. इस दौरान कलश पर नारियल रखकर उसकी पूजा की जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि के बाद इन नारियलों का क्या किया जाता है? तो जानिए चलिए इसके बारे में जान लें.

कलश और नारियल के बिना देवी की पूजा अधूरी है

ये सच है कि कलश और नारियल के बिना पूजा अधूरी है. इसके लिए नवरात्रि के पहले दिन नारियल रखकर नींव स्थापित की जाती है. लेकिन जिस श्रद्धा से कलश की स्थापना की जाती है, उसी श्रद्धा से उसे हटाते समय भी सावधानी बरतना बहुत जरूरी है. इस प्रकार, यदि आप नारियल निकालते समय कोई गलती करते हैं, तो आपको अपमानित होना पड़ेगा. इसके साथ ही नवरात्रि के दौरान की गई पूजा और व्रत का फल भी प्राप्त नहीं होता है.
 
नवरात्रि के बाद कलश और नारियल का उपाय
 
नवरात्रि के अंत में लोग गलती से नारियल को दूसरी तरफ रख देते हैं. ऐसा करने से 9 दिनों की पूजा का फल नहीं मिलता. नवरात्रि के बाद इस नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर पूजा स्थान पर रख दें.

प्रसाद के रूप में खाएं

नौ दिन बाद कलश के ऊपर रखे नारियल को विधिपूर्वक हटा दें. फिर इसे नदियों और बहते पानी में डाल दें. यह नारियल प्रसाद के रूप में कन्याओं को दें और स्वयं भी खाएं.
 
इसे मुख्य दरवाजे पर बांध दें

नवरात्रि के बाद आप कलश पर रखे नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर घर के मुख्य दरवाजे पर बांध सकते हैं. फिर दूसरे नवरात्रि से पहले बंधे हुए नारियल को नदी में प्रवाहित कर दें.

चावल पक्षियों को खिला दें 
 
हिंदू धर्म में पूजा के बाद पूजा की वस्तुओं को जल में विसर्जित करना शुभ माना जाता है. कलश के नीचे रखे चावल को भी नदी में प्रवाहित कर सकते हैं लेकिन अगर आप इसे पक्षियों को खिलाएंगे तो इसके पुण्य फल बहुत मिलेंगे.  

Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.  

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