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Easter 2022 : क्यों मनाया जाता है यह त्योहार? Jesus ही नहीं Martin Luther से भी जुड़ा है इसका इतिहास

Easter ईसाई धर्म मानने वालों के लिए ख़ास त्योहार है. जीजस के फिर जिंदा होने का उत्सव मनाने के अलावा इसमें अंडे खोजने की परम्परा भी शामिल है.

Easter 2022 : क्यों मनाया जाता है यह त्योहार? Jesus ही नहीं Martin Luther से भी जुड़ा है इसका इतिहास
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डीएनए हिंदी : गुड फ्राइडे के बाद वाले रविवार भी ईसाई धर्म के लोगों के लिए ख़ास महत्त्व का माना जाता है. यह क्रूसिफिकेशन के बाद यीशु के ज़िंदा हो जाने का शुभ दिन माना जाता है. ईस्टर वाले रविवार को चर्चों में सबसे अधिक भीड़-भाड़ वाला रविवार माना जाता है. 

जीजस क्राइस्ट वापस ज़िंदा हुए थे उस दिन 
माना जाता है कि जीजस(Jesus) को ईश्वर के द्वारा दुनिया का रखवाला और मसीहा नियुक्त किया गया था.  गुड फ्राइडे को जीजस की कुर्बानी के दिन के रूप में भी याद किया जाता है. ईसाई धर्म की मान्यता के अनुसार जीजस ने अपनी क़ुर्बानी लोगों को उनके किए पाप का अहसास करवाने के लिए दी थी. क्रुस पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद जीजस (Jesus) के शरीर में फिर जान आ गई थी. वह रविवार का दिन था. उसी रविवार के दिन को ईस्टर त्योहार मनाया जाता है. यह धारणा है कि जीजस का वापस ज़िंदा होना पाप पर पुण्य की विजय का प्रतीक था. 

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बाइबिल में नहीं है ईस्टर शब्द 
ईस्टर के बारे में सबसे बड़ी बात यह कही जाती है कि इसका कोई ज़िक्र बाइबिल में नहीं मिलता है. न ही शुरुआती इतिहास में चर्च में क्राइस्ट के वापस ज़िंदा होने का कोई ज़िक्र नहीं मिलता है. क्रिसमस की तरह ही बाद में यह चर्चों के उत्सवी इतिहास में शामिल हुआ था. 


ईस्टर में अंडे क्यों खोजे जाते हैं 
ईस्टर में अंडों को खोजने का इतिहास प्रोटेस्टेंट शाखा के संस्थापक मार्टिन लूथर से जुड़ा हुआ है. कहा जाता है कि इस दिन मार्टिन लूथर अपनी मंडली के लिए अंडे खोजने का काम रखते थे. यह ईस्टर मनाने का उनका ख़ास अंदाज़ था. उनकी मंडली के पुरुष अंडे छिपाते थे जिसे औरतें और बच्चे ढूंढ़ा करते थे. यह क्राइस्ट((Jesus Christ) के पुनः ज़िंदा होने और उनकी कब्र को औरतों के द्वारा खोजे जाने का प्रतीक चिह्न था. 

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.) 

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