धर्म
Shefali Jariwala- Paras chhabra podcast: शेफाली जरीवाली की मौत 27 जून की देर रात हुआ था लेकिन आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि कुछ दिन पहले ही उनके साथी और पॉडकास्ट शूट कर रहे एक्टर ने उन्हें बता दिया था कि उनके 3 ग्रह उनकी मौत के जिम्मेदार तक हो सकते हैं.
Which 3 planets are responsible for unfortunate events: शेफाली जरीवाला की मौत : 'कांटा लगा' गाने से मशहूर हुईं एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला का 27 जून को निधन हो गया. शेफाली की मौत की वजह दिल की बीमारी बताई जा रही है. इस संबंध में अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें कहा जा रहा है कि शेफाली की मौत की भविष्यवाणी पहले ही वायरल हो चुकी थी. लेकिन असल में ये भविष्यवाणी किसने की थी? इस वायरल वीडियो में आखिर क्या कहा गया? जानिए.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला का 27 जून को 42 साल की उम्र में निधन हो गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें मुंबई स्थित अपने घर पर हार्ट अटैक आया था , जिसके बाद उनके पति पराग त्यागी उन्हें अस्पताल लेकर गए थे. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. शेफाली की असामयिक मौत से पूरी इंडस्ट्री में शोक फैल गया है. सभी के मन में एक ही सवाल है कि इतनी फिट होने के बावजूद शेफाली को हार्ट अटैक कैसे आ सकता है? इसी बीच पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट 'आबरा का डाबरा' का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में पारस कह रहे हैं कि उन्होंने शेफाली की कुंडली देखी है, जिसमें एक अशुभ योग बन रहा है. इसके साथ ही उन्होंने उस योग से होने वाले खतरे के बारे में भी बात की है.
क्या पारस छाबड़ा ने की भविष्यवाणी?
कुछ महीने पहले पारस छाबड़ा ने अपने पॉडकास्ट में शेफाली को लेकर एक भविष्यवाणी की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी कुंडली में तीन ग्रहों का अशुभ संयोग बन रहा है, जो उनके आगे के सफर को आसान नहीं बनाएगा. पारस कहते हैं कि 'आपकी कुंडली के आठवें भाव में चंद्रमा, बुध और केतु हैं. शास्त्रों में कहा गया है कि चंद्रमा और केतु की युति शुभ नहीं होती है. चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है, जबकि केतु अशुभ ग्रह है. कुंडली का आठवां भाव हानि का होता है, जिससे अकाल मृत्यु, मानहानि, घाटा और तंत्र-मंत्र में उलझने का खतरा बढ़ जाता है.' आगे उन्होंने कहा कि 'चंद्रमा और बुध की युति भी शुभ नहीं होती है.'
चन्द्रमा, बुध और केतु की युति का प्रभाव
चंद्रमा, बुध और केतु की युति (किसी भी राशि या भाव में एक साथ आना) एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना है. चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक शक्ति का दाता माना जाता है, जबकि बुध बुद्धि, संचार, व्यापार और तर्क का प्रतिनिधित्व करता है. केतु "छाया ग्रह" है, जिसे अलगाव, आध्यात्मिकता और रहस्य का प्रतीक माना जाता है. जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा, बुध और केतु की युति किसी भी राशि में होती है या ये तीनों ग्रह किसी भी राशि में एक साथ होते हैं, उस व्यक्ति के जीवन पर इनका अशुभ प्रभाव पड़ता है. विशेष रूप से, अकाल मृत्यु की संभावना होती है.
असमय मृत्यु का जोखिम कब बढ़ जाता है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर किसी की कुंडली के आठवें भाव में राहु, केतु और शनि एक साथ आ जाएं तो अकाल मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है. वहीं जिन लोगों की कुंडली में मंगल और राहु एक साथ बैठे हों या उनकी दृष्टि एक-दूसरे पर पड़ रही हो, उनकी अकाल मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है.
(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और लोक मान्यताओं और नियमों पर आधारित है. डीएनए इसकी पुष्टी नही करता है.)
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