Advertisement

Vishwakarma Jayanti 2023: कब है विश्वकर्मा जयंती, जानें इसकी सही तारीख, पूजा विधि-महत्व और शुभ मुहूर्त 

भगवान विश्वकर्मा की जयंती इस की कन्या संक्रांति को मनाई जाएगी. इस दिन भगवान की पूजा अर्चना करना बहुत ही शुभ होता है. आइए जानते हैं इनकी महत्व और शुभ मुहूर्त

Latest News
Vishwakarma Jayanti 2023: कब है विश्वकर्मा जयंती, जानें इसकी सही तारीख, पूजा विधि-महत्व और शुभ मुहूर्त 
Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: इस बार सावन 59 दिनों का था. इसकी वजह से साल भर में आने वाले कई त्योहार, तिथि और जयंती की तारीख आगे बढ़ गई. इसी में विश्वकर्मा जयंती भी है. विश्वकर्मा जयंती हर साल कन्या संक्रांति को मनाई जाती है. इस बार यह जयंती 17 सितंबर 2023 को मनाई जाएंगी. विश्वकर्मा जयंती का बड़ा महत्व है. इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है. पुराणों के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा ने भगवान शिव की त्रिशूल से लेकर द्वारका, लंका महल समेत सभी देवी देवताओं के अस्त्र शस्त्रों का निर्माण किया था. आइए जानते हैं विश्वकर्मा जयंती की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व...

कन्या राशि में बना ​विपरीत राजयोग, 18 सितंबर तक इन 3 राशियों को होगा धनलाभ, बनेंगे सभी बिगड़े काम
 

इस दिन मनाई जाएगी विश्वकर्मा जयंती

विश्वकर्मा जयंती कन्या संक्रांति के दिन मनाई जाती है. इस बार कन्या संक्रांति की तिथि 17 सितंबर को पड़ रही है. इसी दिन विश्वकर्मा जयंती मनाई जाएंगी. इसका पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 50 मिनट शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक रहेगा. इस मुहूर्त में पूजा अर्चना करने से भगवान विश्वकर्मा आपकी सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करेंगे. 

यह है विश्वकर्मा की पूजा का महत्व 

अस्त्र शस्त्र बनाने में निपूर्ण भगवान विश्वकर्मा की पूजा ​ऋषियों-मुनियों ने ब्रह्मा, विष्णु और महेश के साथ की थी. वेद पुराणों के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा को ही प्राचीन काल का इंजीनियर माना जाता है. उन्होंने ही सभी देवी देवाओं के वाहनों को भी बनाया है. यही वजह है कि विश्वकर्मा जयंंती पर औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े उपकरण औजार बनाएं जाते हैं. इनकी पूजा की जाती है. इस दिन कोई काम नहीं किया जाता है. भगवान की पूजा कर कारोबार में बढ़ोतरी की मनोकामना की जाती है. घर में धन धान्य और सुख समृद्धि का आगमन होता है. 

लड्डू गोपाल जी को घर में लाकर इन नियमों का करें पालन, भगवान श्री कृष्ण की होगी कृपा

भगवान विश्वकर्मा ने बनाया था पुष्पक विमान

विश्वकर्मा पुराण के अनुसार, नारायण ने सबसे पहले ब्रह्माजी और फिर विश्वकर्मा जी की रचना की थी. ब्रह्माजी के दिशा निर्देश के बाद भगवान विश्वकर्मा ने पुष्पक विमान को बनाया था. भगवान विश्वकर्मा को वास्तु शास्त्र का भी बड़ा ज्ञान था.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

    Read More
    Advertisement
    Advertisement
    Advertisement