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Vinayaka Chaturthi: सावन मास की विनायक चतुर्थी कल, जान लें रवि योग में गणपति जी की पूजा का मुहूर्त क्या है?

सावन मास की विनायक चतुर्थी का व्रत 28 जुलाई, सोमवार को रखा जाएगा. इस दिन पहला सावन सोमवार भी है. साथ ही रवि योग और भद्र योग भी बनेगा. जानें कब है

Vinayaka Chaturthi: सावन मास की विनायक चतुर्थी कल, जान लें रवि योग में गणपति जी की पूजा का मुहूर्त क्या है?

सावन मास की विनायक चतुर्थी 28 जुलाई को होगी.

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सावन मास की विनायक चतुर्थी का व्रत 28 जुलाई, सोमवार को रखा जाएगा. इस दिन पहला सावन सोमवार भी है. साथ ही रवि योग और भद्रा योग 12 घंटे का रहेगा. इस दिन रवि योग में गणपति बप्पा की पूजा की जाएगी. गणेश भक्त विनायक चतुर्थी का व्रत भी रखते हैं. उनकी कृपा से सभी कार्य सफल होते हैं. साथ ही कहा जाता है कि इससे जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं. इस बार सावन मास की विनायक चतुर्थी कब है, जानें शुभ मुहूर्त और योग

विनायक चतुर्थी कब है?

पंचांग के अनुसार, विनायक चतुर्थी का व्रत सावन शुक्ल चतुर्थी तिथि, यानी रविवार, 27 जुलाई को रात्रि 10 बजकर 41 मिनट पर आरंभ होगा और यह तिथि सोमवार, 28 जुलाई को रात्रि 11 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि के अनुसार, यह व्रत सोमवार, 28 जुलाई को रखा जाएगा.

विनायक चतुर्थी पर सावन सोमवार का संयोग

इस बार विनायक चतुर्थी सावन के पहले सोमवार को आई है. इस शुभ योग में भगवान शिव, माता पार्वती और गणपति बप्पा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी. सावन मास शिव परिवार की पूजा के लिए जाना जाता है. कहा जाता है कि इस समय विधि-विधान से पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है.

विनायक चतुर्थी शुभ मुहूर्त

सोमवार, 28 जुलाई को विनायक चतुर्थी पर गणपति बप्पा की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 6 मिनट से दोपहर 1 बजकर 49 मिनट तक रहेगा. इस दिन गणपति बप्पा की पूजा का कुल समय 2 घंटे 43 मिनट का होगा. चतुर्थी के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 17 मिनट से 4 बजकर 59 मिनट तक रहेगा. जबकि अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा.

विनायक चतुर्थी रवि योग में है

जुलाई माह में विनायक चतुर्थी रवि योग में है. विनायक चतुर्थी पर सुबह 5.40 बजे से रवि योग बन रहा है. यह योग शाम 5.35 बजे तक रहेगा. इसके अलावा, सुबह से दोपहर 2.54 बजे तक परिघ योग रहेगा. उसके बाद शिव योग भी बनेगा. यह योग पूरी रात रहेगा. व्रत के दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र सुबह से शाम 5.35 बजे तक रहेगा. उसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र आरंभ होगा.

 

Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. अधिक जानकारी के लिए एस्ट्रोलॉजर से संपर्क करें. 

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