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Vinayaka Chaturthi 2025: कल रखा जाएगा विनायक चतुर्थी का व्रत, शुभ मुहूर्त में पूजा करने से दूर होंगे विघ्न

Vinayaka Chaturthi Vrat: विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है. उनकी पूजा-अर्चना करने से वह जीवन से सभी विघ्न को दूर करते हैं.

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Vinayaka Chaturthi 2025: कल रखा जाएगा विनायक चतुर्थी का व्रत, शुभ मुहूर्त में पूजा करने से दूर होंगे विघ्न

Vinayaka Chaturthi

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Vinayak Chaturthi February 2025: विनायक चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश जी को समर्पित होता है. यह व्रत हर महीने शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन गणेश जी की पूजा-अर्चना की जाती है. अब माघ महीना चल रहा है जिसमें विनायक चतुर्थी का व्रत आने वाला है. माघ महीने का विनायक चतुर्थी व्रत 1 फरवरी 2025, दिन शनिवार को रखा जाएगा. चलिए आपको व्रत पूजन के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में बताते हैं.

विनायक चतुर्थी शुभ मुहूर्त
1 फरवरी को विनायक चतुर्थी पर अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:08 से लेकर 12:49 तक रहेगा. रवि योग सुबह 7:14 से लेकर रात को 10:22 तक रहेगा. वहीं, गोधूलि मुहूर्त शाम को 5:34 से 6:02 तक होगा. आप इन शुभ मूहूर्त में पूजा और शुभ कार्य कर सकते हैं. इन मुहूर्त में पूजा करने से आपको भगवान गणेश जी की विशेष कृपा प्राप्त होगी.


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विनायक चतुर्थी पूजा विधि
विनायक चतुर्थी का व्रत रख रहे हैं तो सुबह जल्दी उठ जाएं. सुबह उठने के बाद पानी में गंगा जल डालकर स्नान करें. इसके बाद साफ कपड़े पहनेंं. गणेश  जी की प्रतिमा पर फूल अर्पित करें और धूप, दीप से विधि पूर्वक पूजा करें. भगवान गणेश जी को मोदक और फल अर्पित करें. पूजा के दौरान गणपति मंत्रों का जाप करें और गणेश जी की आरती करें.

गणेश जी की आरती (Ganesh Ji Ki Aarti)
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)

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