धर्म
फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी तिथि को को विजया एकादशी के रूप में मनाया जाता है. इस दिन व्रत करने और भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने से कष्ट नष्ट हो जाते हैं.
Vijaya Ekadashi 2025: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का बड़ा महत्व है. इसे सबसे बड़ी तिथि माना जाता है. एकादशी हर माह में दो बार आती है. साल में कुल 24 एकादशी पड़ती है. इन सभी की अपनी अपनी एक अलग विशेषता होती है. फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी तिथि को को विजया एकादशी के रूप में मनाया जाता है. इस दिन व्रत करने और भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने से कष्ट नष्ट हो जाते हैं. यह एकादशी धार्मिक ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी शुभ मानी जाती है. इस एकादशी पर व्रत के बाद ही भगवान राम ने रावण से युद्ध की शुरुआत की थी. इस दिन व्रत और पूजा अर्चना करने के साथ ही कुछ चीजों को घर लाने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. भक्त की हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है.
यह है विजया एकादशी महत्व
शास्त्रों की मानें लंका पर युद्ध शुरू करने से पहले भगवान श्रीराम ने एकादशी का व्रत और पूजा अर्चना की थी. इसके बाद उन्होंने रावण का खात्मा कर लंका पर विजय प्राप्ति की. इसलिए माना जाता है कि जो व्यक्ति श्रद्धाभाव से इस एकादशी पर पूजा और व्रत करता है. उसे अपने हर काम में सफलता विजय प्राप्त होती है. सभी कष्ट और पापों का नाश होता है.
यह है विजया एकादशी 2025 तिथि और योग
इस साल विजया एकादशी फाल्गुन कृष्ण पक्ष का व्रत 24 फरवरी 2025 को रखा जाएगा. इस साल विजया एकादशी पर सिद्धि योग और शिववास का संयोग भी बन रहा है. इसके साथ ही पूर्वषाढ़ा और उत्तरषाढ़ा नक्षत्र इस एकादशी को और भी प्रभावशाली बनाएंगे. इन शुभ योग में पूजा-व्रत करना जातकों के लिए शुभ रहेगा और मनोकामना की पूर्ति होगी.
विजया एकादशी पर करें इन चीजों की खरीदारी
- विजया एकादशी के दिन आप घर पर मोर का पंख ले आएं. ऐसा करने से वास्तुदोष दूर हो जाता है. इसके साथ ही एकादशी पर मोर पंख के साथ भगवान की पूजा अर्चना करने पर समस्याओं से छुटकारा मिलता है. इसे पूजा के बाद अपनी तिजोरी या कमरे में रखने से भी लाभ प्राप्त होता है.
- विजया एकादशी के दिन घर पर चांदी से बनी कामधेनु गाय का घर लाना भी बेहद शुभ होता है. कामधेनु गाय की मूर्ति खरीदकर पूजा घर में स्थापित करने से भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है. कहा जाता है कि कामधेनु गाय की पूजा करने से घर के सुख-सौभाग्य और समृद्धि में अपार वृद्धि होती है.
- इसके एकादशी पर चांदी का कछुआ, श्रीफल और गजराज की मूर्ति घर में स्थापित करना शुभ होता है. इसे लाकर पूजा अर्चना करने से दिन दोगुनी तरक्की होती है. व्यक्ति के सभी पाप और दोष नष्ट हो जाते हैं.
Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)
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