धर्म
ज्यादातर घरों में आपको पर्दे मिल जाएंगे, लेकिन क्या आपको पता है कि घर के अंदर पर्दे ऐसे ही नहीं लगाने चाहिए. वास्तु के अनुसार, पर्दे लगाने से व्यक्ति के घर में सुख शांति का संचार होता है.
घर में खिड़की से लेकर पर्दे लगाने तक सभी कुछ वास्तु शास्त्र में खास माना जाता है. इनमें की जाने वाली गलती से व्यक्ति को वास्तुदोष झेलना पड़ता है. इसकी वजह से व्यक्ति को जीवन में कई सारी मुश्किलों का सामना तक करना पड़ सकता है. इसकी वजह वास्तु में घर बनाने से लेकर दरवाजा, खिड़की या सामान को उल्टा सीधा रखना है. इसकी वजह से व्यक्ति से व्यक्ति को दुर्भाग्य का सामना करना पड़ता है. ऐसी स्थिति में घर बनाने से लेकर उसमें खिड़की और पर्दे लगाने तक में वास्तु ध्यान रखना बेहद जरूरी होती है. अगर आप भी घर में पर्दे लगाने जा रहे हैं तो आइए जानते हैं कि पर्दो को किस दिशा में और किन रंगों का लगाना शुभ होता है...
वास्तु के अनुसार, घर में पर्दे सही दिशा में लगाने बेहद जरूरी है. ऐसा नहीं करने पर वास्तु को प्रभावित कर सकता है. इससे घर में वास्तुदोष लग सकता है, जिससे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. अगर आप इससे बचना चाहते हैं तो घर में पर्दे पूर्वी, दक्षिण, पश्चिम, उत्तर और ईशान कोण में रखें. इन दिशाओं में पर्दे लगाना शुभ होता है. इसके साथ ही पर्दो का रंग हल्का होना चाहिए. इससे दिशा की महत्वता बढ़ती है. घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के अंदर हल्के रंग के पर्दे लगाना शुभ होता है. इससे सकारात्मकता बढ़ती है. तनाव नहीं होता है. गुस्सैल लोगों के लिए यह बेहद शुभ होता है. उनका दिमाग और मन दोनों ही शांत रहते हैं. जीवन में सुख शांति की प्रवेश होता है.
वहीं वास्तु की मानें तो घर के अंदर दक्षिण दिशा में लाल या अन्य किसी गहरे रंग के पर्दे लगाने से परिवार के बीच प्यार की भावना में बढ़ोतरी होती है. घर में सुख और शांति की प्राप्ति होती है.पूर्वी दिशा में हरे रंग के पर्दे लगाने से पैरों की समस्या से भी निजात मिल जाती है. वहीं अगर आप घर की पश्चिम दिशा में पर्दे लगा रहे हैं तो यहां सफेद या नीले रंग के पर्दे लगाने चाहिए. इससे जीवन से जुड़ी समस्याएं दूर हो जाती हैं.
घर के अंदर उत्तर दिशा में स्काई ब्लू और सफेद रंग के पतले पर्दे लगाने शुभ होते हैं. इस दिशा में ऐसे पर्दे लगाने से घर में कर्ज से मुक्ति मिलती है. आर्थिक स्थिति में सुधार होता है. परिवार में हंसी-खुशी का माहौल बना रहता है. इसके साथ ही ईशान कोण में हल्के और पतले कपड़े पहनने से व्यक्ति के माता-पिता के शरीर से जुड़ी सारी बिमारियां दूर हो जाती हैं.
Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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