धर्म
वैशाख के महीने में पवित्र नदी में स्नान, जप, तप और दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है.
हिंदू धर्म में वैशाख माह का बड़ा महत्व है. यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित है. उनका सबसे प्रिय माह माना जाता है. इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा अचर्ना करने से जीवन में सुख शांति आती है. परेशानियां दूर होती हैं. मान्यता है कि वैशाख के महीने में पवित्र नदी में स्नान, जप, तप और दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं कि वैशाख महीने में कौन से काम हैं, जो नहीं करने चाहिए. वहीं किन कामों को करने से भगवान की कृपा प्राप्त होती है.
- वैशाख माह में सुबह देर तक तक नहीं सोना चाहिए. इस माह में सूर्योदय से पहले उठ जाएं.
- वहीं वैशाख माह में बहुत अधिक तेल और मसालों से बना भोजन नहीं करना चाहिए.
- वैशाख माह में व्यक्ति को देर तक नहीं सोना चाहिए. इससे भगवान विष्णु नाराज हो जाते हैं.
- वैशाख माह में भोजन के बाद दिन में कुछ देर आराम करना चाहिए. इसके अलावा इस माह में तेल की मालिश नहीं करनी चाहिए, इसका जिक्र स्कंदपुराण में मिलता है.
- वैशाख माह को भगवान विष्णु का प्रिय माना जाता है. इस माह में सूर्योदय से पहले स्नान करना चाहिए. इसके बाद तुलसी को जल अर्पित करें.
- शाम के समय तुलसी की दीपक जलाएं. इसके साथ ही भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना करें. इस माह में पानी का दान करना बेहद शुभ होता है. वहीं जरूरतमंदों को छाता, चप्पल, पानी का घड़ा आदि दान करने भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं.
- वैशाख महीने में पवित्र नदियों में स्नान करने से पुण्यों की प्राप्ति होती है. भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
वैशाख माह की शुरुआत 13 अप्रैल 2025 से शुरू हो गई है. इसका अंत 12 मई 2025 को होगा. इस दौरान कई महत्वपूर्ण तिथि, व्रत और त्योहार पड़ने वाले हैं. इनका विशेष महत्व है.
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