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Vaibhav Laxmi Vrat Katha: सिर्फ इतने शुक्रवार तक कर लिया ये व्रत तो मिलेगी मां लक्ष्मी की कृपा, नहीं रहेगी धन दौलत की कमी

अगर आप भी धन की कमी से परेशान हैं तो मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना शुरू कर दें. धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने से व्यक्ति को विशेष लाभ की प्राप्ति होती है.

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Vaibhav Laxmi Vrat Katha: सिर्फ इतने शुक्रवार तक कर लिया ये व्रत तो मिलेगी मां लक्ष्मी की कृपा, नहीं रहेगी धन दौलत की कमी
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Vaibhav Laxmi Vrat Katha: हर कोई अमीर बनना चाहता है. इसके लिए दिन रात मेहनत भी करता है, लेकिन कई लोगों के खूब मेहनत करने के बाद भी पैसा नहीं मिल पाता. अगर आप भी इसी से परेशान हैं तो मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना शुरू कर दें. धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने से व्यक्ति को विशेष लाभ की प्राप्ति होती है. वैभव लक्ष्मी का व्रत और पूजा अर्चना करने से माता रानी की कृपा प्राप्त होती है. यह व्रत शुक्रवार के दिन रखा जाता है. शुक्रवार के दिन धन-वैभव की देवी मां लक्ष्‍मी की पूजा करने से लक्ष्‍मी जी की विशेष कृपा प्राप्‍त होती है. जीवन में धन और ऐश्वर्य की कमी नहीं रहती. शुक्र ग्रह मेहरबान होते हैं. 

मां लक्ष्मी के इन रुपों की करें पूजा

धर्म-शास्‍त्रों में मां लक्ष्‍मी के कई रूप बताएं गये हैं. इनमें महालक्ष्मी, गजलक्ष्मी, वैभव लक्ष्मी शामिल हैं. माता रानी प्रसन्न होकर धन और वैभव प्रदान करती हैं. व्यक्ति के जीवन में किसी भी तरह की कमी नहीं रहती. घर में मां लक्ष्मी का वास होता है. अगर आप भी धन प्राप्ति चाहते हैं तो 11 शुक्रवार इन नियमों का पालन करें. इससे धन की आवक बढ़ जाएगी. 

धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए करें वैभव लक्ष्मी के व्रत

धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति करना चाहते हैं तो वैभव लक्ष्मी व्रत शुरू कर दें. इसके कई सारे नियम हैं, जिनका पालन करें. इससे वैभव लक्ष्‍मी व्रत करने का फल मिलता है. आइए जानते हैं वैभव लक्ष्‍मी व्रत करने की विधि और नियम...

इस दिन से शुरू करें वैभव लक्ष्‍मी व्रत 

वैभव लक्ष्मी व्रत किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के शुक्रवार से शुरू करना चाहिए. ऐसा करना बेहद शुभ माना जाता है. इसके साथ ही यह व्रत मलमास या खरमास से शुरुआत नहीं करनी चाहिए. ऐसा करने से व्रत का फल प्राप्त नहीं हो पाता. 

कम से कम करें 11 व्रत

वैभव लक्ष्मी व्रत शुरू करने से पहले संकल्प लें. इसके साथ ही कम से कम 11 व्रत करें. इससे कम नहीं करने चाहिए.  वहीं 21 व्रत करना और भी शुभ दायक माना जाता है. साथ ही जितने भी व्रत का संकल्प लिया है. उससे 1 व्रत ज्यादा करने के बाद ही उद्यापन करें. ताकि कोई व्रत अनजाने में भी खंडित हो गया है तो उसकी पूर्ति हो सके. 

वैभव लक्ष्मी व्रत में खाएं ये चीजें

वैभव लक्ष्मी व्रत में सिर्फ फलाहार ही करना चाहिए. लेकिन कुछ लोग एक समय भोजन करते हैं. अगर आप व्रत में एक समय भोजन कर भी रहे हैं तो सात्विक चीजें ही शामिल करें. इस दिन गलती से भी घर में तामसिक भोजन न बनाएं और न ही खाएं. इसके साथ ही वैभव लक्ष्‍मी व्रत में खट्टी चीजों का सेवन भूलकर भी न करें. 

Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)  

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