Advertisement

Mahakaleshwar Temple Ujjain: 4 जुलाई से महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में ‘नो एंट्री, श्रद्धालुओं को बाहर से करना होगा बाबा का दर्शन

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल लोक के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, अब भक्त बाहर से ही बाबा का दर्शन करेंगे.

Latest News
Mahakaleshwar Temple Ujjain: 4 जुलाई से महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में ‘नो एंट्री, श्रद्धालुओं को बाहर से करना होगा बाबा का दर्शन

Mahakal Mandir

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदीः महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने 4 जुलाई से महाकाल मंदिर (Mahakal Mandir) के गर्भ गृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है. एक सुविधा बंद कर दूसरी सुविधा समिति शुरू कर रही है. अब लोगों को शीघ्र दर्शन की सुविधा का लाभ 11 जुलाई से मिलने लग जाएगा. रविवार को उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की प्रबंध समिति की बैठक हुई जिसमें यह फैसला किया गया. 

बता दें कि चार जुलाई से अधिकमास लग रहा है और इसी कारण से गर्भ गृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश पर रोकलगी है. ये रोक 11 सितंबर तक रहेगी. इस प्रबंध समिति की बैठक में समिति के अध्यक्ष कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम और प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि प्रबंध समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं. 4 जुलाई से महाकालेश्वर मंदिर के गर्भ गृह में सभी प्रकार के श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है. इसमें आम, खास, वीआईपी सभी शामिल है. यह प्रवेश अधिक मास समाप्त होने  यानी 11 सितंबर के आसपास की तारीख तक बंद रहेगा. 

शीघ्र दर्शन के लिए है ये व्यवस्था
11 जुलाई से शीघ्र दर्शन के लिए अलग से द्वार से मंदिर में प्रवेश की व्यवस्था रहेगी. भगवान महाकालेश्वर की सावन और भादो में निकलने वाली सवारी को लेकर भी गाइडलाइन जारी कर दी गई है. इसमें भजन मंडलियों को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है. इसके अलावा सवारी अपने परंपरागत मार्ग से निकलेगी. भगवान महाकाल की सवारी के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष इंतजाम किए जाएंगे.

आधार कार्ड भी जरूरी होगा
लोगों को महाकाल मंदिर समिति की ओर से बड़ी सौगात दी गई है. उज्जैन के निवासियों को शीघ्र दर्शन करने के लिए केवल एक बार आधार कार्ड ले जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा. इसके बाद घर पर से ही ऑनलाइन बुकिंग कराई जा सकेगी. उन्होंने बताएगी अभी श्रद्धालुओं को शीघ्र दर्शन के लिए 200 रुपये की राशि खर्च करना पड़ती थी.

 

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगल, फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement