धर्म
Terrible inauspicious yoga: करवा चौथ का पावन दिन पति की लंबी उम्र की कामना का दिन होता है. इस साल पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूत करने वाले करवा चौथ के दिन एक अशुभ संयोग बन रहा है और इस योग में पूजा एकदम न करें वरना अशुभ परिणाम मिलेंगे,
Moonrise time of Karva Chauth on 10 October: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत रखा जाता है . पत्नियाँ अपने पति की लंबी आयु और वैवाहिक सुख के लिए यह व्रत रखती हैं. करवा चौथ व्रत बहुत कठिन माना जाता है क्योंकि इसमें निर्जल व्रत रखा जाता है. सुबह सरगी (जिसमें मीठे व्यंजन शामिल होते हैं) खाने के बाद, रात में चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत तोड़ा जाता है. विवाहित महिलाएँ पूरे दिन जल से दूर रहती हैं. इस दिन वे दुल्हन की तरह सजती हैं, मेहंदी लगाती हैं और फिर पूजा करने के बाद रात में चंद्रमा को अर्घ्य (जल) देकर अपना व्रत तोड़ती हैं.

हालांकि, इस वर्ष इस दिन एक अशुभ संयोग बन रहा है. इसलिए ज्योतिषी आनंद पाठक ने सलाह दी है कि करवा चौथ के दिन व्रत और पूजा करते समय सही शुभ मुहूर्त देखकर ही व्रत करें. आइए लेख के माध्यम से इस बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें.
करवा चौथ कब है?
इस साल करवा चौथ 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा. शाम को चांद देखने के बाद व्रत तोड़ा जाएगा. उससे पहले करवा चौथ की रस्में निभाई जाएँगी. मान्यता है कि देवी पार्वती ने भगवान शिव के लिए और द्रौपदी ने पांडवों के लिए करवा चौथ रखा था. इस व्रत के प्रभाव से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है और इसीलिए यह व्रत अपने पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है. यह व्रत उत्तर भारत में ज़्यादा मनाया जाता है. खासकर उत्तर भारतीय महिलाएं जो पंजाबी, गुजराती, मारवाड़ी, बिहारी हैं, वे इस व्रत को रखती हैं.

करवा चौथ अशुभ योग
इस साल करवा चौथ व्रत पर कई शुभ-अशुभ योग बन रहे हैं. करवा चौथ पर सिद्धि और व्यतिपात योग बन रहे हैं. इसी बीच, करवा चौथ पर व्यतिपात योग भी बन रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में बेहद अशुभ माना जाता है. इस योग के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए 10 अक्टूबर को शाम 5:42 बजे से पहले पूजा कर लें. इसके बाद चंद्रोदय और चंद्र देव को अर्घ्य देना बाकी है.

करवा चौथ का चंद्रोदय 10 अक्टूबर को शाम 7:42 बजे होगा. हालाँकि, शहर के अनुसार चंद्रोदय का समय थोड़ा भिन्न हो सकता है. बादल छाए रहने से चंद्रोदय में देरी हो सकती है. इसके बाद, चंद्रमा के दर्शन करें और छलनी से अपने पति को देखें और फिर पति के हाथ से जल ग्रहण करके व्रत खोलें. मान्यता है कि ऐसा करने से पति की लंबी आयु होती है और आपको 7 जन्मों तक मनचाहा पति मिलता है.
Disclaimer: यह खबर सामान्य ग्रह-गणनाओं और सामान्य ज्योतिष पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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