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Cursed Temple of Mata Durga: मध्य प्रदेश में है मां दुर्गा का एक 'श्रापित' मंदिर; भक्त बाहर से करते हैं दर्शन, जानें क्या है वजह?

हमारे भारत में देवी दुर्गा के कई मंदिर हैं. जिनका अपना सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक देवी का मंदिर ऐसा भी है जो शापित है. आज हम देवी दुर्गा के इस शापित मंदिर के बारे में जानने जा रहे हैं.

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Cursed Temple of Mata Durga: मध्य प्रदेश में है मां दुर्गा का एक 'श्रापित' मंदिर; भक्त बाहर से करते हैं दर्शन, जानें क्या है वजह?

एमपी का ये मंदिर है श्रापित

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क्या आप जानते हैं कि एक देवी का मंदिर ऐसा भी है जो शापित है. आज हम देवी दुर्गा के इस शापित मंदिर के बारे में जानने जा रहे हैं. जहां देवी के भक्त बाहर से ही दर्शन करते हैं. आज हम देवी के इस मंदिर का रहस्य जानने जा रहे हैं. माता दुर्गे मध्य प्रदेश में एक मंदिर है. जहां सूर्यास्त के बाद मंदिर में कोई भी दर्शन के लिए नहीं जाता.

सूर्यास्त के बाद कोई भी मंदिर नहीं जाता क्योंकि -

मध्य प्रदेश के देवास जिले में माता दुर्गा का एक मंदिर है. इस मंदिर में भक्त प्रवेश करने से डरते हैं. इस मंदिर में भक्त सुबह और दोपहर के समय बाहर से ही देवी के दर्शन करते हैं. लेकिन सूर्यास्त के बाद इस मंदिर में कोई भी भक्त दर्शन के लिए नहीं आता है. स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि आप सूर्यास्त के बाद इस मंदिर में जाते हैं, तो अजीब घटनाएं घटती हैं. यहां के लोगों का कहना है कि इस मंदिर से बहुत डरावनी आवाजें आती हैं, कभी मंदिर में शेरों के दहाड़ने की आवाज आती है तो कभी अचानक घंटियों के बजने की आवाज आती है. ऐसा कहा जाता है कि अगर कोई भक्त साफ मन से इस मंदिर में दर्शन करने आता है तो उसे कोई परेशानी नहीं होती है, लेकिन अगर वह गलत इरादे से जाता है तो यह मंदिर बुरे हालात पैदा कर देता है.

इस शापित मंदिर के पीछे की कहानी क्या है?

देवास में स्थित देवी दुर्गा के इस मंदिर को शापित कहे जाने के पीछे एक प्रचलित कहानी है. देवास के स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण जिले के महाराजाओं ने देवी दुर्गा में अपनी आस्था के कारण करवाया था. इस मंदिर के निर्माण के बाद राजपरिवार में अशुभ घटनाएं घटने लगीं. ऐसा कहा जाता है कि राजा की बेटी का सेनापति के साथ अफेयर था. राजा को अपनी बेटी का सेनापति के साथ संबंध मंजूर नहीं था. इसलिए उन्होंने इसका विरोध किया और लड़की को कैद कर लिया. कहा जाता है कि राजकुमारी की मृत्यु जेल में ही हो गई थी. मौत का कारण किसी को पता नहीं चला.

जैसे ही सेनापति ने राजकुमारी की मृत्यु की खबर सुनी, उसने दुर्गा माता के इस मंदिर में आत्महत्या कर ली. ऐसा माना जाता है कि सेनापति की आत्महत्या के बाद ही शाही पुजारियों ने घोषणा कर दी थी कि 'इस' मंदिर को अपवित्र कर दिया गया है. तब राजा ने राज पुजारियों के अनुरोध पर माता की मूर्ति को पूरी श्रद्धा के साथ महान गणेश मंदिर में स्थापित किया. और ये मंदिर बंद कर दिया गया. इस मंदिर में कोई मूर्ति न होने के बावजूद भी भक्त देवी के दर्शन के लिए आते हैं.

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी समान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)

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