Advertisement

Somvar ke Upay: आज सोमवार की रात चंद्रमा के सामने पढ़ें ये कवच, दूर हो जाएंगे ये सारे कष्ट

चन्द्रमा मन के कारक होता है और जिसकी कुंडली में चन्द्रमा कमजोर होता है उसे मानसिक कष्ट होता है. इससे मुक्ति के लिए शाम चंद्र पूजा करें.

Latest News
Somvar  ke Upay: आज सोमवार की रात चंद्रमा के सामने पढ़ें ये कवच, दूर हो जाएंगे ये सारे कष्ट

Somvar  ke Upay: आज सोमवार की रात चंद्रमा के सामने पढ़ें ये कवच, दूर हो जाएंगे ये सारे कष्ट

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदीः सोमवार के दिन भगवान शिव और देवी पार्वती के साथ ही चंद्र पूजा का भी होता है. कुंडली में चन्द्रमा कमजोर है तो व्यक्ति का मन सदैव अशांत रहता है और जातक को किसी भी कार्य में मन नहीं लगता है. ऐसे लोग भावनाओं पर काबू भी नहीं रख पाते हैं. इसके लिए चंद्रमा को मजबूत जरूर करें. इसके लिए  सोमवार की शाम या रात को चंद्रमा के सामने चंद्र कवच समेत इन मंत्रों का जाप जरूर करें.

श्री चंद्र कवच

श्रीचंद्रकवचस्तोत्रमंत्रस्य गौतम ऋषिः । अनुष्टुप् छंदः।

चंद्रो देवता। चन्द्रप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः ।

समं चतुर्भुजं वन्दे केयूरमुकुटोज्ज्वलम् ।

वासुदेवस्य नयनं शंकरस्य च भूषणम् ॥ १ ॥

एवं ध्यात्वा जपेन्नित्यं शशिनः कवचं शुभम् ।

शशी पातु शिरोदेशं भालं पातु कलानिधिः ॥ २ ॥

चक्षुषी चन्द्रमाः पातु श्रुती पातु निशापतिः ।

प्राणं क्षपाकरः पातु मुखं कुमुदबांधवः ॥ ३ ॥

पातु कण्ठं च मे सोमः स्कंधौ जैवा तृकस्तथा ।

करौ सुधाकरः पातु वक्षः पातु निशाकरः ॥ ४ ॥

हृदयं पातु मे चंद्रो नाभिं शंकरभूषणः ।

मध्यं पातु सुरश्रेष्ठः कटिं पातु सुधाकरः ॥ ५ ॥

ऊरू तारापतिः पातु मृगांको जानुनी सदा

अब्धिजः पातु मे जंघे पातु पादौ विधुः सदा ॥ ६ ॥

सर्वाण्यन्यानि चांगानि पातु चन्द्रोSखिलं वपुः ।

एतद्धि कवचं दिव्यं भुक्ति मुक्ति प्रदायकम् ॥

यः पठेच्छरुणुयाद्वापि सर्वत्र विजयी भवेत् ॥ ७ ॥

॥ इति श्रीब्रह्मयामले चंद्रकवचं संपूर्णम् ॥

चंद्र मंत्र

ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:।

ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:।

ॐ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नम:।

चंद्रमा का बीज मंत्र

ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:।।

चंद्रमा का वैदिक मंत्र:

ॐ इमं देवा असपत्न सुवध्वं महते क्षत्राय महते

ज्यैष्ठयाय महते जानराज्यायेनद्रस्येन्द्रियाय।

इमममुष्य पुत्रममुष्यै पुत्रमस्यै विश

एष वोमी राजा सोमोस्मांक ब्राह्मणाना राजा।।

शिवजी के मंत्र:

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌।

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।


ऐसी मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से कृपाचार्य ने मृत्यु को भी जीत लिया है. अतः यह मंत्र बहुत प्रभावकारी है. खासकर दुःख , संकट और घातक बीमारी के समय महामृत्युंजय मंत्र का जाप बहुत फलकारी होता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.) 

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर

 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement