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Shukra Asta: कब और क्यों होता है शुक्र अस्त? इस दौरान मांगलिक कार्य क्यों होते हैं वर्जित

शादी जैसे शुभ मांगलिक कार्य से पहले शुक्र की स्थिति की गणना की जाती है, यहां हम आपको बता रहे हैं शुक्र अस्त पर क्यों शादी-विवाह करने की होती है मनाही.

Shukra Asta: कब और क्यों होता है शुक्र अस्त? इस दौरान मांगलिक कार्य क्यों होते हैं वर्जित

कब और क्यों होता है शुक्र अस्त? 

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डीएनए हिंदीः Shukra Ast Venus Set Impact of Vivah Muhurat-grah ज्योतिष में शुक्र ग्रह को ऐश्वर्या, सौंदर्य, ग्लैमर, प्रेम, विलासिता और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. हिंदू धर्म में किसी भी शुभ मांगलिक कार्य, विवाह इत्यादि करने से पहले शुक्र की स्थिति जरूर देखी जाती है. वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र ग्रह का अस्त अवस्था में होना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है.

शुक्र ग्रह अगर उदया स्थिति में हो उस अवधि में शुभ मांगलिक कार्य करना शुभ माना जाता है लेकिन शुक्र अस्त (Shukra Asta ) होने पर, विवाह, सगाई आदि करने की पूर्ण रूप से मनाही होती है. ऐसे में क्या आप जानते हैं कि आखिर शुक्र की स्थिति के बाद ही विवाह का मुहूर्त क्यों निर्धारित किया जाता है?  चलिए जानते हैं शुक्र अस्त होने पर विवाह करने की क्यों होती है मनाही और कब, क्यों होता है शुक्र अस्त?

कब होता है शुक्र अस्त?

ज्योतिषी शास्त्र के अनुसार शुक्र ग्रह ऐसा ग्रह है जिसके बगैर शुभ कार्यों की कल्पना तक नहीं की जा सकती ऐसे में शुक्र ग्रह के अस्त होने पर कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार सूर्य और शुक्र की युति 18 महीने में 2 बार होती है. इस दौरान सूर्य अपनी शक्ति से शुक्र को ओझल कर देता है. यही कारण है कि इसे शुक्र अस्त कहा जाता है.

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शुक्र क्यों होता है अस्त?

शुक्र अस्त होने पर शुभ कार्य नहीं किए जाते. इस दौरान विशेषकर मांगलिक कार्यों में विराम लग जाता है. जब भी कोई ग्रह सूर्य के करीब आता है तो वह ग्रह कमजोर पड़ने लगता है. जिसकी वजह से ग्रह का सकारात्मक प्रभाव समाप्त होने लगता हैं. शुक्र ग्रह को भोर का तारा कहा जाता है. अन्य ग्रह की तरह शुक्र ग्रह भी जब सूर्य के समीप आता है, तो इसकी ऊर्जा बेहद कमजोर हो जाती है और यह ओझल होने लगता है. इसी कारण इसे शुक्र अस्त कहा जता है. 

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शुक्र अस्त में क्यों नहीं होता शादी विवाह. 

शादी विवाह में शुक्र की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण होती है ऐसे में शुक्र अस्त होने के बाद विवाह जैसे मांगलिक काम, गृह प्रवेश आदि पर रोक लग जाती है. मान्यता है कि शुक्र अस्त के समय विवाह करने से कुछ समय के बाद ही रिश्तों में खटास पैदा होने लगती है. इसके अलावा शुक्र के अस्त होने पर शादी विवाह करने से शादी ज्यादा दिन तक नहीं टिकती. इस दौरान शादी करने से जीवनसाथी की तरक्की और सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है. इसलिए शुक्र अस्त होने पर विवाह आदि करने से मना किया जाता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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