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Shivlinga Dugdhabhishek Niyam: शिवलिंग पर पैकेट वाला दूध चढ़ाया जा सकता है या नहीं? जानिए शिव पूजा के संबंध में शास्त्र क्या कहता है

Before Offering Milk to Shivji: श्रावण मास में शिवलिंग पर दुग्धाभिषेक करने का विशेष महत्व है. इसलिए कई भक्त शिवलिंग पर पैकेट वाला दूध चढ़ाते हैं. लेकिन क्या यह सही है?

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Shivlinga Dugdhabhishek Niyam: शिवलिंग पर पैकेट वाला दूध चढ़ाया जा सकता है या नहीं? जानिए शिव पूजा के संबंध में शास्त्र क्या कहता है

शिवलिंग पर पैकेट वाला दूध चढ़ा सकते हैं?

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श्रावण मास की शुरुआत हो गई है. सावन में शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है. श्रावण मास भगवान शिव की पूजा के लिए सर्वोत्तम माना जाता है. श्रावण मास में शिवलिंग पर जल, दूध, धतूरा और बेल चढ़ाई जाती है. मान्यता है कि ऐसा करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं. शास्त्रों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि शिवलिंग पर जो भी चढ़ाया जाए, उससे भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं. इसलिए कई लोग बाजार में मिलने वाला पैकेट वाला दूध सीधे शिवलिंग पर चढ़ा देते हैं. लेकिन क्या यह सही है?

पैकेट का दूध क्या चढ़ा सकते हैं?
 
शास्त्रों के अनुसार, पूजा में जिन भी चीजों का प्रयोग किया जाता है, उनका अत्यंत शुद्द होना अत्यंत आवश्यक है. यह पवित्रता केवल भौतिक ही नहीं, बल्कि सात्विक गुणों से भी जुड़ी होती है. पैकेट वाले दूध में रासायनिक प्रक्रिया, भंडारण और परिरक्षक पदार्थ हो सकते हैं, जिन्हें सात्विक और प्राकृतिक नहीं माना जा सकता. जहाँ तक हो सके, श्रावण मास में शिवलिंग पर ताज़ा, कच्चा और शुद्ध गाय का दूध ही चढ़ाएँ. यह दूध सर्वोत्तम माना जाता है. यदि आप शिवलिंग पर पैकेट वाला दूध चढ़ाते हैं, तो यह वर्जित है.

तो फिर कौन से दूध से करना चाहिए दूग्धाभिषेक करना चाहिए

केवल शिवलिंग पर ही नहीं, किसी भी पूजा में केवल और केवल गाय के दूध का प्रयोग करना चाहिए. अगर आपको दूध नहीं मिलता गाय का तो आप केवल गंगाजल से भी काम चला सकते हैं और बहुत जरूरत हो तो आप गाय का पैकेट वाला दूध मजबूरी में यूज कर सकते हैं. 

अगर पैकेट का दूध यूज कर रहे तो पहले क्या करें

अगर किसी कारणवश आपको गाय का दूध नहीं मिल रहा है, तो आपके पास पैकेट वाले दूध का ही विकल्प है. अगर आप यह दूध चढ़ाते हैं, तो छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है. इसके लिए सबसे पहले दूध को गर्म कर लें. जब यह दूध ठंडा हो जाए, तो इसे शिव जी को अर्पित करें. इस बात का विशेष ध्यान रखें कि दूध बासी या खट्टा न हो. अगर आप थोड़ी सावधानी से पूजा करते हैं, तो आपको विशेष फल मिलेगा.

(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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