धर्म
Shastra Puja 2025 Ayudha Puja Vidhi: रावण दहन के साथ दशमी तिथि को अस्त्र-शस्त्र की भी पूजा की जाती है. इस दिन की गई पूजा का विशेष महत्व होता है. आइए जान लेते हैं दशहरे के दिन कैसे होती है अस्त्र-शस्त्र की पूजा, क्या है आयुध पूजा विधि और मुहूर्त...
Shastra Puja 2025 Ayudha Puja Vidhi: शारदीय नवरात्रि का आज समापन तिथि है, इस त्योहार का विजयादशमी के साथ समापन हो जाता है. रावण दहन के साथ दशमी तिथि को अस्त्र-शस्त्र की भी पूजा की जाती है. इस दिन की गई पूजा का विशेष महत्व होता है. इस पूजा में रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाले औजारों और उपकरणों के साथ शस्त्रों को पूजा जाता है. इसके आयुधा पूजा के नाम से जाना जाता है. ऐसे में आइए जान लेते हैं दशहरे के दिन कैसे होती है अस्त्र-शस्त्र की पूजा, क्या है आयुध पूजा विधि और मुहूर्त.
बता दें कि हर साल दशहरे के खास मौके पर ही आयुध पूजा की जाती है, जो हर साल अश्विन महीने की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर पड़ती है. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार ये शुभ दशमी तिथि 2 अक्टूबर की शाम तक होगी, इस दिन शुभ मुहूर्त में पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि हमेशा बनी रहती है और कारोबार में वृद्धि होती है. इस बार पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 02:09 से लेकर 02:56 बजे तक रहेगा.
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आयुध पूजा के लिए सुबह-सुबह स्नान करें और हर पूजा की तरह इसके लिए भी अपने पूजा घर को सुबह ही साफ करें. इसके बाद पूजा घर के पास ही अपने सभी औजारों और उपकरणों को रख दें, इस बात का ध्यान रखें कि इन्हें जमीन पर नहीं रखना है. इसके लिए साफ कपड़ा लें और फिर उन पर सारे औजार और उपकरण रख दें.
इसके बाद अस्त्र-शस्त्र पर गंगाजल छिड़कर पूजा की शुरुआत करें. इसके साथ धूप और दीया जलाएं. फिर हल्दी-चंदन इत्यादि का तिलक लगाएं और फूल चढ़ाएं. आप चाहे तो शस्त्रों पर पवित्र धागा भी बांध सकते हैं. गंगाजल छिड़कने से लेकर धागे को बांधने तक आप शस्त्र देवता पूजनम्, रक्षा कर्ता पूजनम्' मंत्र का मन में जाप करें. आखिर में आरती करने के साथ-साथ देवी मां से अपने परिवार की सुरक्षा की मनोकामना करें.
आयुध पूजा का महत्व सिर्फ अस्त्र-शस्त्र तक ही नहीं, बल्कि जीवन में सफलता दिलाने वाले सभी कर्म के उपकरणों की पूजा की जाती है. इसमें छात्र अपनी पुस्तकों, व्यापारी अपने तराजू-बहीखातों, कलाकार अपने औजारों और सैनिक अपने हथियारों की पूजा करते हैं. मान्यता है कि यह पूजा इस बात को बताती है कि हमारे उपकरण ही हमारी आजीविका और सफलता का माध्यम हैं, इसलिए हमें उनका सम्मान और संरक्षण करना चाहिए.
Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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