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Navratri Ghat Sthapna: मिट्टी, तांबा या पीतल, घट स्थापना के लिए कैसा कलश होना जरुरी? जानें नियम और सही दिशा

Navratri Ghat Sthapna Niyam: नवरात्रि में कलश स्थापना के बाद ही देवी की पूजा आरंभ होती है और यह कलश पूरे नौ दिनों तक देवी दुर्गा की प्रतिमा या मूर्ति के समक्ष ही रहता है. ऐसे में आइए जान लेते हैं घट स्थापना का सही नियम क्या है, इसमें किस तरह का कलश रखा जाता है...

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Navratri Ghat Sthapna: मिट्टी, तांबा या पीतल, घट स्थापना के लिए कैसा कलश होना जरुरी? जानें नियम और सही दिशा

Navratri Ghat Sthapna Niyam:

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Navratri Ghat Sthapna Niyam: नवरात्रि का पर्व सिर्फ भक्ति नहीं बल्कि ऊर्जा का भी उत्सव माना जाता है. नवरात्रि के पहले दिन ही घट स्थापना की जाती है, जिसमें कलश रखा जाता है. कलश स्थापना के बाद ही देवी की पूजा आरंभ होती है, इसके अलावा यह कलश पूरे नौ दिनों तक देवी दुर्गा की प्रतिमा या मूर्ति के समक्ष ही रहता है. इसलिए यह विधि सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है. आमतौर पर लोग नवरात्रि में मिट्टी, तांबे या फिर पीतल के कलश की स्थापना करते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं घट स्थापना में कैसा कलश रखना शुभ माना जाता है? अगर नहीं तो आइए जानते हैं क्या है नियम और कलश रखने की सही दिशा?

कैसा होना चाहिए कलश? 

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक प्राचीन काल से ही पूजा-पाठ में कलश स्थापना की जाती है और इसके लिए मिट्टी के कलश का ही प्रयोग होता रहा है. पीतल, स्टील, तांबा जैसे कई धातुओं के कलश प्रयोग में लाए जाते हैं. मिट्टी का कलश पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान के लिए बहुत ही शुद्ध और पवित्र माना जाता है. मान्यता के अनुसार, नवरात्रि के दिन शुभ मुहूर्त में मिट्टी के कलश से ही घट स्थापना करनी चाहिए. इससे मां भगवती प्रसन्न होंगी और पूजा का शुभ फल प्राप्त होगा. 

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क्या है घट स्थापना 2025 मुहूर्त (Navratri Ghatasthapana Muhurat 2025)

  • शुभ मुहूर्त- सुबह 06:09 मिनट से 08 बजकर 06 मिनट तक
  • अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11: 49 मिनट से  दोपहर 12 बजकर 38 तक रहेगा

क्या है सही दिशा 
ग्रंथों में किसी एक ही दिशा को कठोर नियम के रूप में नहीं बताया गया, हालांकि परंपरा, वास्तु और देवी-आनुशासन के मंत्रों से साफ संकेत मिलता है कि पूर्व और उत्तर-पूर्व सर्वोत्तम दिशा है. 

Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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