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शनि के गोचर से कर्क व वृश्चिक को मिलेगी कष्टों से मुक्ति, इन 2 राशियों पर शुरू होगी शनि की ढैय्या, बेहद कष्टकारी रहेगा समय 

न्याय के देवता शनिदेव हर जातक को उसके कर्मों के स्वरूप फल देते हैं.  अच्छे कर्म करने पर शुभ फल प्राप्त होते हैं. वहीं बुरे कर्मों पर कठोर दंड भी मिलता है. शनि सबसे धीमी चाल चलते हैं. यही वजह है कि शनि के राशि बदलने यानी गोचर का विशेष महत्व होता है.

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शनि के गोचर से कर्क व वृश्चिक को मिलेगी कष्टों से मुक्ति, इन 2 राशियों पर शुरू होगी शनि की ढैय्या, बेहद कष्टकारी रहेगा समय 
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डीएनए हिंदी: ज्योतिष शास्त्र से लेकर ग्रहों शनि देव को न्याय का दर्जा प्राप्त है. इस ग्रह न्यायधीश भी कहा जाता है. न्याय के देवता शनिदेव हर जातक को उसके कर्मों के स्वरूप फल देते हैं.  अच्छे कर्म करने पर शुभ फल प्राप्त होते हैं. वहीं बुरे कर्मों पर कठोर दंड भी मिलता है. शनि सबसे धीमी चाल चलते हैं. यही वजह है कि शनि के राशि बदलने यानी गोचर का विशेष महत्व होता है. इस बार साल 2024 में शनि गोचर नहीं होगा. शनि देव 2025 में राशि परिवर्तन करेंगे. यानी एक राशि से दूसरी राशि में जाएंगे. इसका असर भी सभी 12 राशियों पर पड़ेगा. कुछ राशियों को कष्टों से छुटकारा मिलेगा तो कई राशियों के लिए यह समय बेहद कष्टकारी साबित होगा. 

2025 में शनिदेव के गोचर करने से दो राशि कर्क और वृश्चिक को शनि की ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी. इनके जीवन में कष्ट और दुख कम होने के साथ ही कामयाबी हाथ लगेगी. जीवन में आनंद बढ़ जाएगा. असमंजस की स्थिति लगभग समाप्त हो जाएगी. आइए जानते हैं कब होगा शनि का गोचर और किन राशियों पर शुरू होगी शनि की ढैय्या...

इस दिन होगा शनि का गोचर

किसी भी ग्रह का गोचर उसके राशि परिवर्तन को कहा जाता है. ज्यादातर ग्रह एक से डेढ़ माह तक एक राशि में रहते हैं, लेकिन शनि सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल चलते हैं. शनि 2025 में 29 मार्च को कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे. यानी यह शनि का गोचर होगा. शनि के राशि परिवर्तन करने से कुछ राशियों पर ढैय्या तो कुछ को साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी. वहीं कुछ दूसरी राशियों पर इसका प्रभाव​ दिखाई देगा. 

इन राशियों पर शुरू होगी शनि की ढैय्या और साढ़ेसाती

2025 में शनि के मीन राशि में प्रवेश करने पर शनि की साढ़ेसाती का ढैय्या का प्रभाव मकर राशि हट जाएगा. वहीं मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव शुरू होगा. वहीं कुंभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा चरण होगा तो मीन राशि पर दूसरा और मेष राशि में पहला चरण प्रारंभ होगा. श​नि के गोचर के तुरंत बाद धनु राशि पर शनि ढैय्या शुरू होगी. वहीं कर्क और वृश्चिक राशि वालों को शनि ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी.

शनिदेव के अशुभ प्रभाव से बचा लेंगे ये उपाय

शनि की कृपा पाने के लिए काले कुत्ते या फिर काली गाय को रोटी जरूर खिलानी चाहिए. इसके साथ ही शनि यंत्र की पूजा करें. शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं. हनुमान जी की पूजा अर्चना और शनि चालीसा का पाठ करने से भी शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है. 

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ से परामर्श करें.)

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