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Shani Gochar 2025: मार्च के आखिरी हफ्ते में शनि गोचर से कई लोगों की आएगी मौज, इन पर पड़ेगा साढ़ेसाती-ढैय्या का प्रकोप

शनि देव को क्रूर ग्रह माना जाता है. हालांकि यह गलत है. शनि शुभ और अशुभ दोनों तरह के प्रभाव डालते हैं. शनि जिस पर भी शुभ प्रभाव डालते हैं. वह व्यक्ति की रंक से राजा बन जाता है. वहीं अशुभ परिणाम भोगने पर राजा को रंक बनने में ज्यादा समय नहीं लगता.

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Shani Gochar 2025: मार्च के आखिरी हफ्ते में शनि गोचर से कई लोगों की आएगी मौज, इन पर पड़ेगा साढ़ेसाती-ढैय्या का प्रकोप
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सभी नौ ग्रहों में शनि देव को न्यायधिश की उपाधि प्राप्त है. उन्हें न्याय का देवता कहा जाता है. सभी ग्रहों में शनि ही एक ऐसे ग्रह हैं, जो कर्मों के अनुसार फल देते हैं. इनका शुभ और अशुभ प्रभाव लंबे समय तक चलता है. इसकी वजह शनि ग्रह धीमी चाल चलते हैं. यह ग्रह एक राशि से दूसरी राशि और नक्षत्र में परिवर्तन के लिए ढाई से साढ़ेसात साल का समय लेते हैं. शनि देव को क्रूर ग्रह माना जाता है. हालांकि यह गलत है. शनि शुभ और अशुभ दोनों तरह के प्रभाव डालते हैं. शनि जिस पर भी शुभ प्रभाव डालते हैं. वह व्यक्ति की रंक से राजा बन जाता है. वहीं अशुभ परिणाम भोगने पर राजा को रंक बनने में ज्यादा समय नहीं लगता. इस साल शनि 29 मार्च 2025 को शनि राशि परिवर्तन यानी गोचर करने जा रहे हैं. शनि अब मीन राशि में प्रवेश करेंगे. इससे कुछ राशियों पर साढ़ेसाती तो कुछ पर ढैय्या शुरू हो जाएगी. वहीं कई राशियों के जातकों की मौज शुरू होने वाली है. आइए जानते हैं किस पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है...

इन राशियों पर शुरू होगी साढ़ेसाती और इनकी खत्म

शनि ग्रह के मीन राशि में प्रवेश करने से मकर राशि पर चल रही साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी. वहीं शनि की साढ़ेसाती का प्रकोप अब मेष राशि के जातकों को झेलना पड़ेगा. वहीं मीन राशि के लोगों पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण झेलना पड़ेगा. कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा चरण शुरू होगा. ऐसे में नये हिंदू नववर्ष के अनुसार, मेष, कुंभ और मीन पर साढ़ेसाती का प्रभाव शुरू हो जाएगा. 

इन लोगों पर शुरू होगी ढैय्या

वहीं ज्योतिष के अनुसार, शनि की ढैय्या भी बदल जाएगी. शनि के मीन में गोचरा करने से वृश्चिक राशि पर चल रही शनि की ढैय्या खत्म हो जाएगी. यह धनु राशि पर शुरू होगी. वहीं कर्क राशि से शनि की ढैय्या खत्म होरक सिंह राशि पर शुरू हो जाएगी. इसके प्रभाव से व्यक्ति को जीवन में दुख और सुख की प्राप्ति होगी. 

शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के उपाय

शनिदेव किसी भी व्यक्ति को कर्म के अनुसार ही फल देते हैं. यही वजह है कि शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का सभी पर अलग अलग प्रभाव पड़ता है. यह समय व्यक्ति के लिए बेहद कष्टदायक हो सकता है. इसके लिए व्यक्ति को हर शनिवार शाम को शनि स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. शनि देव की पूजा करनी चाहिए. इससे शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रकोप कम हो जाता है. शनिवार के दिन काली उड़द, काले कपड़े, सरसों का तेल, लोहा, गुड़ आदि का दान करना बेहद शुभ होता है.

Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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