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Shadashtak Yog 2025: इन 2 ग्रहों के षडाष्टक योग बनाने से उड़ेगी इन राशियों के जातकों की नींद, नुकसान के साथ बढ़ेगा तनाव

ग्रहों का गोचर समय समय होता रहा है. इसबीच छाया ग्रह का गोचर षडाष्टक योग बना रहा है. इसका सबसे ज्यादा अशुभ प्रभाव इन राशियों के जातकों पर पड़ेगा. इसकी वजह से जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

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Shadashtak Yog 2025: इन 2 ग्रहों के षडाष्टक योग बनाने से उड़ेगी इन राशियों के जातकों की नींद, नुकसान के साथ बढ़ेगा तनाव
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ज्योतिष में सभी ग्रह हर 30 दिनों में अलग अलग राशियों में गोचर करते हैं. इसका प्रभाव सभी राशियों से लेकर देश दुनिया तक पर पड़ता है. अब 18 मई 2025 को छाया ग्रह राहु मीन राशि से निकलकर कुंभ में गोचर करेंगे. वहीं ग्रहों के सेनापति मंगल कर्क राशि में विराजमान रहेंगे. कर्क से कुंभ राशि आठवां भाव है. वहीं कुंभ राशि से कर्क राशि छठे भाव में हैं. इस तरह से राहु और मंगल षडाष्टक योग का निर्माण करेंगे. राहु एक पापी ग्रह है, जबकि मंगल को क्रूर माना गया है. इससे इन दोनों ग्रहों के बीच एक खतरनाक षडाष्टक योग बनेगा. 

जानें क्या है षडाष्टक योग और क्यों है अशुभ

वैदिक ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार, कुंडली का छठा और आठवां भाव बहुत अशुभ माना गया है. कुंडली का छठा भाव रिपु यानी शत्रु भाव बनाता है. यह जीवन की चुनौतियां, बीमारियां, शत्रु और कर्ज जैसे विषयों से जुड़ा होता है. यह भाव व्यक्ति को जीवन में मिलने वाले संघर्षों को दर्शाता है. इसलिए इसे अशुभ माना गया है. वहीं, आठवां भाव मृत्यु भाव या गुप्त भाव कहा जाता है. यह आयु, आकस्मिक घटनाएं, अपमान, दुख, रहस्य, गुप्त ज्ञान से जुड़ा रहता है. यह भाव जीवन में अचानक होने वाले बदलावों और अनिश्चितता का प्रतीक है, इसलिए इसे भी अशुभ माना जाता है. इन राशियों के जातकों को जीवन में नुकसान होता है...

कर्क राशि

मई माह में राहु का गोचर मंगल के षडाष्टक योग का कर्क राशि वालों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा. इस समय वह छठे, मंगल आठवें भाव में स्थिर रहेंगे. इससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती है. यह खासकर खासकर पेट और रक्तचाप से जुड़ी समस्याएं उभर सकती हैं. आर्थिक मोर्चे पर भी यह समय सावधानी बरतने का है. आपको धोखा मिल सकता है. इसके अलावा कोई बड़ा खर्च सामने आ सकता है. जीवनसाथी के साथ मतभेद और तनाव की स्थिति बनी रहती है. इसलिए रिश्तों में संवाद बनाए रखं. निवेश के लिए यह समय प्रतिकूल है. 

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को राहु-मंगल के षडाष्टक योग के चलते कार्यस्थल पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ है. सहकर्मियों के साथ मनमुटाव या बॉस से असहमति हो सकती है. इससे आपकी प्रतिष्ठा और पद दोनों प्रभावित हो सकते हैं. स्वास्थ्य में अचानक गिरावट आ सकती है. आंख और qकमर में समस्या होने पर अनदेखी न करें. डॉक्टर से तुरंत परामर्श लें. धन हानि के योग बन रहे हैं. शत्रु सक्रिय रहेंगे. आपकी छोटी सी गलती पर भी कोई दूसरा हावी हो सकता है. 

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए षडाष्टक योग करियर और स्वास्थ्य दोनों के लिए चिंता बढ़ाने वाला है. यह कार्यस्थल पर अचानक​ स्थिति बिगड़ सकती है. कोई प्रोजेक्ट अटक सकता है. आपकी मेहनत का श्रेय किसी ओर को मिल सकता है. जीवनसाथी के साथ मनमुटाव पैदा हो सकता है. इनके अलावा छोटे मोटे विवाद झेलने पड़ सकते हैं. इसके अलावा मानसिक शांति के लिए ध्यान और योग को अपने जीवन में शामिल करना लाभकारी रहेगा.

मीन राशि

मीन राशि के लोगों पर भी षडाष्टक योग बुरा प्रभाव डाल सकता है. इस अवधि में अपने लक्ष्य से इस राशि के लोग भटक सकते हैं. राहु और मंगल का यह योग मानसिक उलझनों और भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है. इससे निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो सकती है. कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों से झगड़ा हो सकता है. इससे आपकी छवि को नुकसान पहुंचेगा. इस कठिन समय में धार्मिक गतिविधियों और आध्यात्मिक यात्राओं से मानसिक राहत मिल सकती है.
 

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