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Sawan Somwar 2024: सोमवार से शुरू होकर इसी दिन पर खत्म होगा सावन का महीना, 72 साल बाद बना अद्भुत संयोग

हिंदू धर्म में सावन के महीने का महत्व बहुत ज्यादा है. इस महीने में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना की जाती है. सोमवार के व्रत करने से महादेव भक्तों की हर मनोकामना को पूर्ण करते हैं. 

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Sawan Somwar 2024: सोमवार से शुरू होकर इसी दिन पर खत्म होगा सावन का महीना, 72 साल बाद बना अद्भुत संयोग
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Sawan Somwar 2024: सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना के लिए विशेष माना जाता है. मान्यता है कि इस महीने में भोलेनाथ और मां पार्वती पृथ्वी पर आते हैं. वह अपने भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं. सावन के सोमवार का और भी खास महत्व है. इस साल 2024 में सावन महीने की शुरुआत सोमवार से हो रही है. इससे भी अद्भुत संयोग यह है कि इस महीने का आखिरी दिन भी सोमवार ही है. इसे बहुत ही शुभ संयोग माना जाना रहा है. सावन के सोमवार से शुरुआत और अंतिम दिन भी सोमवार का संयोग 72 वर्ष बाद बना है. आइए जानते हैं इस संयोग का क्या महत्व रहेगा. सावन में कितने सोमवार होंगे और कैसे भोलेनाथ अपने भक्तों पर कृपा करेंगे. 

इस दिन से शुरू होगा सावन

इस साल सावन माह की शुरुआत 22 जुलाई 2024 दिन सोमवार से होगी. वहीं सावन की समाप्ति 19 अगस्त को सोमवार के दिन ही होगी. सावन का महीना 29 दिनों का होगा. इसमें कुल 5 सोमवार पड़ेंगे. वहीं 22 जुलाई को सुबह से लेकर शाम तक प्रीति योग रहेगा. यह बेहद शुभ साबित होगा. 

सावन में ये हैं 5 सोमवार व्रत

इस सावन में सोमवार के 5 व्रत रखे जाएंगे. इनमें पहला व्रत 22 जुलाई को सावन की शुरुआत के साथ सोमवार को रखा जाएगा. दूसरा व्रत 29 जुलाई, तीसरा सोमवार 5 अगस्त, चौथा सोमवार 12 अगस्त और पांचवां सोमवार 19 अगस्त पड़ेगा. इसी के साथ सावन महीने की समाप्ति होगी. 

मंगला गौरी के भी होंगे चार व्रत

सावन के महीने में सोमवार के अलावा मंगलवार का भी बड़ा महत्व है. सावन के मंगलवार में मां मंगला गौरी का व्रत किया जाता है. आमतौर पर सावन में 3 मंगलवार आते हैं, लेकिन इस बार 4 मंगलवार पड़ेंगे. ऐसे में मंगला गौरी के व्रत रहेंगे. इनमें पहला व्रत 23 जुलाई, दूसरा 30 जुलाई, तीसरा 6 अगस्त और चौथा 13 अगस्त को पड़ेगा. 

यह है सावन सोमवार का महत्व

मान्यता है कि भगवान विष्णु सावन माह से पूर्व ही योग निद्रा में चले जाते हैं. ग्रहों से लेकर दुनिया चलाने का पूरा कार्यभार भगवान शिव पर होता है. इसलिए सावन में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना की जाती हे. यह महीना भगवान शिव और माता पार्वती को बेहद प्रिय है. इसलिए सोमवार को उनकी पूजा विशेष रूप से फलदाई होती है. सावन माह और सोमवार को भगवान शिव की पूजा के लिए खास माना जाता है. सावन में सोमवार के व्रत रखने से विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं. इसके साथ मन चाहा जीवनसाथी मिलता है. 
 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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