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Somwar Vrat Vidhi: अगर आप पहली बार रख रहे हैं सोमवार व्रत तो जान लें ये नियम, गलती पर नहीं मिलेगा इसका फल

जो लोग पूरी श्रद्धा से इस व्रत का पालन करते हैं, उन्हें महादेव का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनकी हार्दिक मनोकामनाएँ पूरी होती हैं.

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Somwar Vrat Vidhi: अगर आप पहली बार रख रहे हैं सोमवार व्रत तो जान लें ये नियम, गलती पर नहीं मिलेगा इसका फल
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सावन के पवित्र महीने में सोमवार के व्रत का महत्व बहुत ज्यादा होता है. यह महीना महादेव का माना जाता है. इस पवित्र महीने के प्रत्येक सोमवार का आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है. ऐसा माना जाता है कि जो लोग पूरी श्रद्धा से इस व्रत का पालन करते हैं, उन्हें महादेव का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनकी हार्दिक मनोकामनाएँ पूरी होती हैं, लेकिन अगर आप पहली बार सोमवार का व्रत रख रहे हैं, तो कुछ आवश्यक नियम और अनुष्ठान हैं जिन्हें आपको अवश्य जानना चाहिए ताकि आपको इसका पूरा आध्यात्मिक लाभ मिल सके.

सावन सोमवार व्रत नियम

व्रत संकल्प 

स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करके शिवलिंग के सामने बैठ जाएँ. मन ही मन संकल्प लें कि आप सावन सोमवार व्रत पूरी निष्ठा से रखेंगे और उसके सभी नियमों का पालन करेंगे.

स्वच्छता बनाए रखें

शारीरिक और मानसिक शुद्धता दोनों आवश्यक हैं. स्वच्छ, शालीन वस्त्र पहनें और पूरे दिन पूजा स्थल को साफ़-सुथरा रखें. नकारात्मक विचारों, वाद-विवाद और अनावश्यक बातचीत से बचें.

उपवास के दौरान भोजन संबंधी नियम

अधिकांश भक्त निर्जला (बिना जल और भोजन के) या फलाहारी (फल-आधारित) व्रत रखते हैं. हालाँकि, यदि आप निर्जला व्रत नहीं कर सकते, तो आप दिन में एक बार हल्का फलाहारी भोजन कर सकते हैं. केवल सेंधा नमक का प्रयोग करें और सामान्य नमक से परहेज करें.

आप क्या खा सकते हैं

फल, दूध, दही, छाछ, साबूदाना, सिंघाड़े के आटे से बनी चीज़ें, कुट्टू के आटे से बनी चीज़ें, शकरकंद, मखाना.

आपको किन चीज़ों से बचना चाहिए

अनाज (गेहूँ, चावल, आदि), दालें, नमक, प्याज और लहसुन, मांसाहारी भोजन और शराब, तामसिक भोजन.व्रत खोलते समय भी अन्न या नियमित भोजन ग्रहण न करें. फलाहार का सेवन जारी रखें.

शिवलिंग की पूजा विधि

सूर्योदय से पहले उठें, स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. भगवान शिव की पंचोपचार पूजा (5 प्रसाद) या षोडशोपचार पूजा (16 प्रसाद) करें. शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, दूध, दही, घी, शहद और चीनी, गंगाजल और सफेद फूल चढ़ाएं. शिवलिंग पर विभूति (पवित्र राख) या चंदन का लेप लगाएं. घी का दीपक और अगरबत्ती जलाएं. भगवान शिव को फलाहारी प्रसाद चढ़ाएं. सावन सोमवार व्रत कथा और शिव चालीसा पढ़ें या सुनें. ॐ नमः शिवाय का जाप करें. पूजा का समापन आरती से करें. हाथ जोड़कर पूजा या व्रत के दौरान हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा मांगें. प्रसाद बांटें.

यह खबर सामान्य जानकारी और ज्योतिष की गणनाओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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