धर्म
Sawan Somvar Fast Rule: भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना श्रावण मास शुरू हो चुका है और महादेव को अगर आपको प्रसन्न करना है तो आपको ये पता होना चाहिए कि शिवजी को क्या पसंद है और क्या नहीं.
सावन मास शुरू हो चुका है लेकिन सावन का पहला सोमवार 14 जुलाई को है. इस दिन व्रत करने से लेकर महादेव की पूजा तक क्या करना चाहिए क्या नहीं, चलिए जान लें ताकि भगवान शंकर का आशीर्वाद मिलने में कोई अड़ंगा न पड़े. महादेव बेहद दयालु होते हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाएं कुछ ही समय में पूरी कर देते हैं. लोग महादेव को प्रसन्न करने और अपनी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए तरह-तरह की चीजें अर्पित करते हैं, लेकिन अगर श्रावण मास में महादेव को ये पांच तरह के फूल चढ़ाए जाएं तो महादेव नाराज हो सकते हैं.
महादेव की कृपा पाने के लिए लोग पूजा-अर्चना और तपस्या करते हैं ताकि उन्हें महादेव का आशीर्वाद मिल सके. महादेव सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले हैं, इसलिए उन्हें भोले महेश्वर कहा जाता है. हालांकि अगर महादेव की पूजा में कोई दोष रह जाए, तो लोगों को दंड भुगतना पड़ता है.
कौन से फूल कभी नहीं चढ़ाने चाहिए
सबसे वर्जित पुष्प केतकी का है, जिसे भगवान महादेव को भूलकर भी नहीं चढ़ाना चाहिए. लाल पुष्प भूलकर भी न चढ़ाएं. कमल के पुष्प भी नहीं चढ़ाने चाहिए. शास्त्रों में चंपा के पुष्प भी वर्जित माने गए हैं. वहींकुछ लोग कमल के पुष्प चढ़ाते हैं, जो कि उचित नहीं है.
कौन से फूल चढ़ाने चाहिए
श्रावण मास में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए धतूरे के फूल, आकंद के फूल, शमी के फूल से उनकी पूजा करें या सफेद या नीले फूल चढ़ाएं. साथ ही एक कागज़ पर राम-राम लिखकर उन्हें अर्पित करें. ये सभी फूल भगवान शिव को अर्पित करने से भगवान शिव बहुत प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं.
Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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