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Tirupati Balaji Donation Record: तिरूपति बाला जी में चढ़ावे का टूटा रिकॉर्ड, साल के आखिरी दिन सबसे ज्यादा लोगों ने किया दान

2024 में तिरुपति वेंकटजलपति मंदिर में कितने भक्त आए और कितना चढ़ावा चढ़ा इसकी डिटेल आ गई है. साल के आखिरी दिन यानी 31 दिसंबर को सबसे ज्यादा भक्तों ने भगवान को दान अर्पित किया है.

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Tirupati Balaji Donation Record: तिरूपति बाला जी में चढ़ावे का टूटा रिकॉर्ड, साल के आखिरी दिन सबसे ज्यादा लोगों ने किया दान

तिरुपति वेंकटजलपति मंदिर में साल 2024 में कितना हुआ दान

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तिरूपति मंदिर भारत में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले मंदिरों में से एक है. रोजाना करोड़ों रुपए का दान दिया जाता है. अब यह खुलासा हो गया है कि 2024 में दुनिया के सबसे अमीर भगवान वेंकटेश्वर को भक्तों ने कितना भुगतान किया. तिरूपति जाने वाले लोगों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है. बिल की पेशकश भी बढ़ रही है. भविष्य में इसके और बढ़ने की संभावना है.

2024 ख़त्म और 2025 शुरू. जैसे-जैसे वैकुंडा एकादशी नजदीक आ रही है, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम में भक्तों की संख्या बढ़ गई है. 10 जनवरी से तिरुपति में दर्शन व्यवस्था में बदलाव होने के कारण कई लोग अपने परिवार के साथ तिरुपति के दर्शन कर रहे हैं. ऐसे में तिरुमाला तिरुपती देवस्थानम (टीटीडी) ने 2024 में तिरुपती मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं और मंदिर की आय की जानकारी जारी की है.

डीडीटी के मुताबिक, 2024 में कुल 2.55 करोड़ श्रद्धालु मंदिर में आए हैं. इसके साथ ही बिल में रिकॉर्ड 1365 करोड़ रुपये की रकम जुड़ गई है. इसके अलावा, कुछ लोगों ने सोना, कीमती पत्थर, विदेशी धन, गुड़, सब्जियां, दूध, घी, ताजा अनाज, गाय, भूमि और अन्य चीजें उपहार के रूप में पेश की हैं. कुल 99 लाख लोगों ने मुंडन कराया है.

यह तिरूपति मंदिर के इतिहास में सबसे ज्यादा सिक्का चढ़ाने का मामला है. मंदिर को करीब 150 करोड़ रुपए की संपत्ति दान में दी गई है. 2024 में सप्ताह के दिनों में बैंक खाते में औसतन 3.6 करोड़ रुपये डाले गए हैं. वीकेंड पर यह आंकड़ा 3.85 करोड़ रुपये था. साल के आखिरी दिन 31 दिसंबर को मंदिर को 4.10 करोड़ रुपये का दान मिला.

पिछले तीन वर्षों में प्रतिदिन केवल 70 हजार भक्तों को ही तिरुपति जाने की अनुमति दी गई थी. इस प्रकार वार्षिक बिल योगदान लगभग 1200 करोड़ रुपये था. लेकिन कोरोना वायरस के बाद हर दिन 80 हजार भक्तों को दर्शन की व्यवस्था की गई. इससे बिल आय में बढ़ोतरी हुई. 2024 में 6.30 करोड़ भक्तों को दान दिया गया. इसमें दर्शन करने वाले श्रद्धालु और ब्रह्मोत्सवम में भाग लेने वाले स्वयंसेवक शामिल हैं.

2025 में और बढ़ेगी आय:

मंदिर की आय 2025 में और बढ़ने की संभावना है. क्योंकि 2025 में वीकेंड पर कई छुट्टियां हैं और दो वैकुंठ एकादशियों समेत कई प्रमुख त्योहार भी हैं. तिरुमाला आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और उनके चढ़ावे के कारण राजस्व बढ़ने की उम्मीद है.

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