धर्म
इस बार मौनी अमावस्या पर बहुत ही दुर्लभ संयोग बन रहा है. खासतौर पर पितृदोष दूर करने के लिए यह दिन बेहद खास है. तो जानिए पितरों को कैसे खुश करें.
मौनी अमावस्या 29 जनवरी 2025 को हैं. वैसे तो साल में 12 अमावस्या होती हैं, लेकिन साल की अमावस्या का महत्व बहुत खास होगा. यह अमावस्या बहुत ही शुभ माना जाता है. मौनी अमावस्या विशेषकर पितृदोष दूर करने के लिए सबसे उत्तम दिन माना जाता है. वहीं इस बार महा मास की अमावस्या बेहद खास है. वर्ष 144 के साथ महाकुंभ का संयोग बनने से मौनी अमावस्या का महत्व बढ़ गया है. मौनी अमावस्या पर विशेष उपाय करने से पितर प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है.
महाकुंभ और मौनी अमावस्या का शुभ संयोग
अमावस्या पर अमृत मंथन के दौरान जिन 4 स्थानों पर बूंदें गिरी थीं, वहां कुंभ का आयोजन होता है. वहीं, प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का पर्व चल रहा है. महाकुंभ और मौनी अमावस्या का संयोग बहुत शुभ होता है. ऐसे में पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए यह दिन सर्वोत्तम माना जाता है. ऐसे में गंगा जैसी पवित्र नदियों के तट पर लगे दोष को दूर करना जरूरी है.
अमावस्या के दिन क्या करें उपाय?
ज्योतिषियों का कहना है कि महा मास की अमावस्या के दिन पितरों को तर्पण देना चाहिए. इस दिन पितरों को तर्पण देने की भी परंपरा है. महा अमावस्या के दिन काले तिल, सफेद फूल आदि लेकर अपने पिता, दादा, परदादा, साथ ही माता और परदादी, गोत्र, अपना नाम आदि से प्रार्थना करें. 'तस्मे सुधा, तस्मे सुधा, तस्मे सुधा' का जाप; ऐसा करके किसी नदी या तालाब के किनारे तर्पण करने से पितर बहुत प्रसन्न होते हैं. पितृदोष से मुक्ति मिल सकती है. घर में सुख-समृद्धि बढ़ सकती है. आप तर्पण कर्म किसी विशेषज्ञ से भी करवा सकते हैं.
Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)
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