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Ramlala Pran Pratishtha: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान करें इस मंत्र का जप, जानें पूजा की विधि से लेकर सामग्री लिस्ट प्रक्रिया

वैदिक अनुष्ठान की शुरूआत हो चुकी है. अब 22 तारीख को प्राण प्रतिष्ठा के लिए विधि पूर्वक किए जाएंगे. साथ ही इस दौरान आप घर में भी विशेष मंत्र जाप कर सकते हैं. इससे भगवान की प्राप्ति होगी.

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Ramlala Pran Pratishtha: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान करें इस मंत्र का जप, जानें पूजा की विधि से लेकर सामग्री लिस्ट प्रक्रिया
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डीएनए हिंदी: अयोध्या राममंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का इंतजार देश विदेशों तक में किया जा रहा है. इसका लोगों में खासा उत्साह है. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को की जाएगी. इसबके लिए पूर्व ही वैदिक अनुष्ठान की शुरूआत हो चुकी है. अब 22 तारीख को प्राण प्रतिष्ठा के लिए विधि पूर्वक किए जाएंगे. साथ ही इस दौरान आप घर में भी विशेष मंत्र जाप कर सकते हैं. इससे भगवान की प्राप्ति होगी. 

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, सनातन धर्म में मंत्रों के जाप का विशेष महत्व प्राप्त होता है. भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा बिना मंत्र जाप के अधूरी है. अगर आप अयोध्या नहीं पहुंच पाये हैं तो प्राण प्रतिष्ठा के समय ही घर बैठे इन मंत्रों का जाप और पूजा अर्चना कर सकते हैं. इससे भगवान प्रसन्न होंगे. मान्यता है कि बिना मंत्र के जाप से प्राण प्रतिष्‍ठा की प्रक्रिया पूर्ण नहीं मानी जाती है. आइए जानते हैं प्राण प्रतिष्‍ठा के मंत्र और विधि के बारे में...

प्राण प्रतिष्ठा का मंत्र 

प्राण प्रतिष्ठा के समय इन मंत्रों का जाप किया जाता है. इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण मंत्रों में से एक श्मानो जूतिर्जुषतामज्यस्य बृहस्पतिर्यज्ञमिमंए तनोत्वरितष्टं यज्ञ गुम समिम दधातु विश्वेदेवास इह मदयन्ता मोम्प्रतिष्ठ।। अस्यै प्राणारू प्रतिष्ठन्तु अस्यै प्राणारू क्षरन्तु च अस्यैए देवत्य मर्चायै माम् हेति च कश्चन।। ऊं श्रीमन्महागणाधिपतये नमरू सुप्रतिष्ठितो भवए प्रसन्नो भवए वरदा भव। है. 

यह है प्राण प्रतिष्ठा की विधि 

घर में भगवान राम की प्रतिमा को पवित्र नदी या गंगाजल से स्नान कराएं. इसके बाद भगवान को प्रतिमा को कपड़े में पोंछकर नये वस्त्र पहनाएं. मूर्ति को स्थापित कर चंदन लगाएं. इसके बाद प्रतिमा का श्रृंगार करें. अब विशेष मंत्रों का जाप करें और भगवान की विधि पूर्वक प्राण प्रतिष्ठा करें. इसके बाद भगवान की आरती कर भोग लगाये. भगवान के भगवान में तुलसी दल जरूर शामिल करें. इसके बिना प्रसाद अधूरा रहा जाता है. 

भगवान प्रतिष्ठा के लिए ये है सामग्री

भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा के लिए सामग्री स्वरूप सबसे भगवान श्री राम जी की प्रतिमा. इसके साथ ही गंगाजल, कुमकुम, तांबे के बर्तन, अक्षत, तुलसी दल, मिठाई, चंदन, घी, फूल, शंख, घंटी, कपूर को शामिल करें.

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