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Punarjanam: आखिर क्यों व्यक्ति भूल जाता है अपना पिछला जन्म, पुरानी याददाश्त रहने पर होते हैं कई नुकसान

Punarjanam: सिर्फ भारतीय हिंदू संस्कृति में ही नहीं बल्कि अन्य प्राचीन धर्मों में भी पुनर्जन्म के बारे में माना गया है. कई बार बच्चे को उसके पिछले जन्म के बारे में कुछ याद रहता है.

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Punarjanam: आखिर क्यों व्यक्ति भूल जाता है अपना पिछला जन्म, पुरानी याददाश्त रहने पर होते हैं कई नुकसान

प्रतीकात्मक तस्वीर

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डीएनए हिंदी: अक्सर लोग पिछले जन्म (Past Life) और पुनर्जन्म (Rebirth) की बातों पर विश्वास करते हैं. पुनर्जन्म (Rebirth) के बारे में सिर्फ भारतीय हिंदू संस्कृति में ही नहीं बल्कि अन्य प्राचीन धर्मों में भी माना गया है. कई बार बच्चे को उसके पिछले जन्म (Past Life) के बारे में कुछ याद रहता है. हालांकि समय के साथ वह सब भूल जाता है. हमारे पिछले जन्म (Past Life) की बातों को याद न रख पाने के पीछे कई वजह हैं.

मस्तिष्क की सरंचना होती है इसके लिए जिम्मेदार
विज्ञान की मानें तो हमारे दिमाग की सरंचना कुछ इस प्रकार होती है कि हम हमेशा के लिए कुछ भी याद नहीं रख पाते हैं. दिमाग में नई यादें बनने पर हम पुरानी यादों को भूल जाते हैं. ऐसा दिमाग के लिए अच्छा माना जाता है. दिमाग में ज्यादा यादों के न होने से वह सही से काम करता है.

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पिछले जन्म के दर्द से मुक्ति
व्यक्ति के मन-मस्तिष्क से जितनी जल्दी पुरानी और बुरी बातें निकल जाए उतना ही अच्छा होता है. यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु सड़क दुर्घटना में हुई है तो वह इस जन्म में भी इसी खौफ में रहेगा. इसी वजह से मनुष्य मस्तिष्क की प्रकृति बुरी बातों को भूलने की है. जिस कारण वह सभी बुरी पुरानी बातों को भूल जाता है.

पूर्वजन्म को याद रखना है मुश्किल
भगवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने भी बताया है कि किसी भी जीव के लिए पुर्वजन्म की बातों को याद रखना लगभग नामुमकिन है. हालांकि कई बार आत्मा को पुराने जन्म की बातें याद रह जाती हैं. ऐसा व्यक्ति अपने पिछले जन्म के माता-पिता और बच्चों के बारे में बताता है. कई बार पिछला जन्म याद आने पर व्यक्ति अपने नए परिवार को छोड़कर चला जाता है. पिछला जन्म याद रहने से व्यक्ति तनाव के कारण भी परेशान रहता है. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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