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मनोकामना पूरी करने के लिए भक्त पेड़ को पहनाते हैं जूतों की माला

मान्यता यह भी है कि ऐसा करने से घुटनों से जुड़ी समस्या से छुटकारा मिलता है. साथ ही बुरी शक्तियां हमेशा दूर रहती हैं.

मनोकामना पूरी करने के लिए भक्त पेड़ को पहनाते हैं जूतों की माला

लकम्मा देवी के मंदिर से जुड़ी अजीब मान्यता

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डीएनए हिंदी: मंदिरों और तीर्थ स्थानों से जुड़ी कई मान्यताएं होती हैं. कुछ मान्यताएं हैरान करती हैं लेकिन इतने पुराने समय से चली आ रही होती हैं कि सवाल उठाने में भी सोचना पड़ता है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह किसी के विश्वास और आस्था से जुड़ा मामला है. आप यूं ही किसी की आस्था पर सवाल खड़े नहीं कर सकते. ऐसी ही एक हैरान करने वाली मान्यता कर्नाटक के गुलबर्ज जिले में लकम्मा देवी मंदिर में भी है.

इस मंदिर में श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए एक पेड़ पर जूते-चप्पल की माला टांगते हैं. इस मंदिर में हर साल फुटवियर फेस्टिवल का आयोजन होता है. जिसमें दूर दराज के गांवों से लोग चपप्ल चढ़ाने कि लिए आते हैं. इस फेस्टिवल में मुख्य रूप से गोला-बी, नामक गांव के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं. कहते हैं कि देवी का यह मंदिर इसी अजीबोगरीब रीति-रिवाज की वजह से फेमस है. 

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लकम्‍मा देवी के मंदिर में फुटवियर फेस्टीवल हर साल दिवाली के छठे दिन आयोजित किया जाता है. मंदिर परिसर में स्थित एक पेड़ पर लोग अपनी मन्नतें पूरी करने के लिए जूते-चप्पल टांगते हैं. मान्यता यह भी है कि ऐसा करने से घुटनों से जुड़ी समस्या से छुटकारा मिलता है. साथ ही बुरी शक्तियां हमेशा दूर रहती हैं. इसके अलावा इस मंदिर में मांसाहारी और शाकाहारी व्यंजनों का भोग लगाया जाता है. हैरान करने वाली बात है कि इस मंदिर में मनोकामना पूर्ति के लिए न केवल हिंदू बल्कि मुस्लिम लोग भी आते हैं.

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