धर्म
आज रविवार, 13 जुलाई से पंचक शुरू हो रहे हैं. इस दौरान शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं. चूंकि यह पंचक रविवार को पड़ रहा है इसलिए इसे रोग पंचक कहा जाता है. जानें पंचक कब से शुरू हो रहे हैं.
जुलाई महीने का पंचक आज से शुरू हो गया है और अगले 5 दिनों तक चलेगा. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता. जब भी पंचक रविवार को शुरू होता है तो ये रोग और दुर्घटना का संकेत देता है. इसलिए इसे रोग पंचक के नाम से जाना जाता है. ज्योतिष में पंचक ग्रहों और नक्षत्रों से मिलकर बनता है. हिंदू धर्म में पंचक को अशुभ माना जाता है. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है. पंचक का अर्थ पाँच माना जाता है. यह चंद्रमा की स्थिति पर आधारित एक खगोलीय घटना है. ज्योतिष में पंचक नक्षत्रों पर आधारित होता है, इस दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं.
पंचक लगने का समय क्या है?
पंचांग के अनुसार, जुलाई महीने के पंचांग की शुरुआत आज, रविवार, 13 जुलाई को शाम 6 बजकर 53 मिनट पर होगी और शुक्रवार, 18 जुलाई को दोपहर 3 बजकर 39 मिनट पर समाप्त होगी. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए. इसी दौरान कर्क संक्रांति और कालाष्टमी के व्रत आ रहे हैं. हालांकि, पंचांग के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जा सकता है, लेकिन पूजा-पाठ, व्रत और उपवास करना उचित माना जाता है, जिससे आपके जीवन पर कोई प्रभाव न पड़े. साथ ही, व्रत के दौरान बिना किसी बाधा के पूजा-पाठ किया जा सकता है.
पंचक में क्या नहीं करना चाहिए?
1-पंचक में घर का निर्माण कार्य शुरू नहीं करना चाहिए. इसके अलावा घर पर छत डालना भी अशुभ माना जाता है.
2-पंचक के पांच दिनों में बहू को ससुराल से सास के पास नहीं भेजना चाहिए और बेटी को सास से ससुराल नहीं भेजना चाहिए.
3- पंचक के इन दिनों में कोई भी निर्माण कार्य नहीं करना चाहिए. ऐसा करना अशुभ माना जाता है. अन्यथा कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
4- यदि पंचक काल में किसी की मृत्यु हो जाए, तो उसके शव की आटे या मिट्टी से पाँच मूर्तियाँ बनाकर मृतक के पास रखनी चाहिए और फिर विधि-विधान से उनका दाह संस्कार करना चाहिए.
5-पंचक के दिन गलती से भी दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है.
पंचक कितने प्रकार के होते हैं?
हिंदू धर्म में पंचक पांच प्रकार के होते हैं. सोमवार को शुरू होने वाले पंचक को राज पंचक, मंगलवार और गुरुवार को शुरू होने वाले पंचक को अग्नि पंचक, शुक्रवार को शुरू होने वाले पंचक को चोर पंचक, शनिवार को शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक और रविवार को शुरू होने वाले पंचक को रोग पंचक कहा जाता है.
Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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