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Budh Purnima: इस दिन है बुद्ध पूर्णिमा, रात में कर लिए ये उपाय तो जीवन की सारी परेशानी होगी दूर

बुद्ध पूर्णिमा पर भगवान गौतम बुद्ध की 2587वीं जयंती है. इस दिन वरीय योग, रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संगम हो रहा है. इस दिन अगर रात में आप कुछ उपाय कर ले तो जीवन के कई दुख और दर्द से आपको मुक्ति मिल सकती है.

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Budh Purnima: इस दिन है बुद्ध पूर्णिमा, रात में कर लिए ये उपाय तो जीवन की सारी परेशानी होगी दूर

किस दिन पड़ रही बुद्ध पूर्णिमा

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वैदिक कैलेंडर के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा का त्यौहार शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान बुद्ध, जिन्हें भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है, का जन्म इसी दिन हुआ था. बुद्ध पूर्णिमा का महत्व सिर्फ उनके जन्म तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए यह दिन बेहद खास माना जाता है. इस दिन को ज्ञान, तपस्या और करुणा के प्रकटीकरण का प्रतीक भी माना जाता है. बौद्ध पूर्णिमा कब है, जानें इसका शुभ मुहूर्त, महत्व

कब है बुद्ध पूर्णिमा

हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास की पूर्णिमा 11 तारीख रविवार को रात 8 बजकर 1 मिनट से शुरू होकर 12 मई सोमवार को रात 10 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगी. जन्म तिथि के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा का पर्व 12 मई सोमवार को सभी जगह मनाया जाएगा. इस दिन भगवान गौतम बुद्ध की 2587वीं जयंती मनाई जाएगी. इसके अलावा इस दिन कई शुभ संयोग भी बन रहे हैं, जिनमें वरिया योग, रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग शामिल हैं. इस योग में पवित्र नदियों में स्नान करने से कई गुना अधिक लाभ मिलेगा.

बौद्ध पूर्णिमा की रात के लिए उपाय

दान करें
इस पवित्र रात्रि, अर्थात् बौद्ध पूर्णिमा पर दान करना बहुत फलदायी माना जाता है. ऐसी स्थिति में गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े या अन्य आवश्यक वस्तुएं दान करें. ऐसा करने से घर में खुशहाली बनी रहती है.

तुलसी पूजा
पूर्णिमा की रात को तुलसी के पेड़ के सामने घी का दीपक जलाएं और उसकी परिक्रमा करें. क्योंकि तुलसी में देवी लक्ष्मी का वास होता है. इस उपाय से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.

पीपल वृक्ष की पूजा
हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को बहुत पवित्र माना जाता है और भगवान बुद्ध को इसी पेड़ के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई थी. बुद्ध पूर्णिमा की रात को पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और उसकी परिक्रमा करें. ऐसा माना जाता है कि इस उपाय से पितर प्रसन्न होते हैं और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं.

पवित्र नदियों में स्नान
बुद्ध पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान करें. ऐसा माना जाता है कि इस दिन नदियों में बहुत अधिक ऊर्जा होती है, जो शरीर और मन को शुद्ध करती है और बीमारियों से मुक्ति दिलाती है.

सकारात्मक सोच
इस रात नकारात्मक विचारों से दूर रहें और जीवन में सकारात्मकता लाएं. अपने मन में प्रेम, करुणा और क्षमा जैसी भावनाएं लाने का प्रयास करें. सकारात्मक सोच जीवन की कई समस्याओं को सुलझाने में मदद करती है.

Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)  

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