धर्म
सभी तिथियों में एकादशी तिथि सबसे श्रेष्ठ होती है. इसमें निर्जला एकादशी का महत्व और अधिक बढ़ जाता है. इसबार एकादशी पर विशेष योग बन रहे हैं, जो बेहद फलदायक हैं.
Nirjala Ekadashi Shubh Yog: हिंदू धर्म में सभी तिथियों में एकादशी को सबसे बड़ी तिथि माना जाता है. साल में कुल 24 एकादशी तिथि आती है. इन सभी एकादशी तिथियों का अलग अलग महत्व होता है, लेकिन सबसे ज्यादा महत्व ज्येष्ठ माह में आने वाली निर्जला एकादशी का होता है. इस दिन व्रत और पूजा अर्चना करने से भक्तों को पूरे साल की 24 एकादशियों के बराबर फल की प्राप्ति होती है. इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की अर्चना करने के साथ व्रत किया जाता है. इसमें अन्न जल का त्याग करना होता है. इस साल निर्जला एकादशी पर कई ऐसे शुभ योग बन रहे हैं, जिनमें भगवान की पूजा अर्चना और व्रत करने से आपकी हर मनोकामना पूर्ण हो जाएगी.
इस साल ज्येष्ठा माह में निर्जला एकादशी व्रत 6 जून 2025 को रखा जाएगा. इस दिन सुबह पवित्र नदी में स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करें. इसके अलावा दान करें. साथ ही व्रत का संकल्प लें. ऐसा करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. जीवन के पापों का नाश होता है और पुण्यों की प्राप्ति होती है.
निर्जला एकादशी पर रवि योग बन रहा है. इस दिन ग्रहों के राजकुमार बुध देव मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे. ऐसे में दुर्लभ योग निर्माण होगा. इसमें भगवान की पूजा अर्चना करना बेहद शुभ होगा. इसके साथ ही एकादशी व्रत का पारण द्विपुष्कर और सर्वार्थ सिद्धि योग में होगा. इससे श्रीहरि की कृपा आप पर बनी रहेगी.
एकादशी पर बनने वाले शुभ योग का प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों पर पड़ेगा. इनमें तीन राशियां ऐसी हैं, जिनके लिए यह बेहद शुभ साबित होगा. इनमें मुख्य रूप से सबसे पहली राशि मेष है. इस राशि के लोगों के जीवन में खुशियों का आगमन होगा. वहीं नया वाहन ले सकते हैं. इसके अलावा मिथुन राशि के जातकों के जीवन में सकारात्मकता आएगी. मां लक्ष्मी की कृपा से धन संबंधित समस्याएं दूर हो जाएगी. पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी. वहीं सिंह राशि के जातकों के लिए यह बेहद फलदायक होगा. तरक्की के रास्ते खुलेंगे. मनचाही नौकरी मिलने के योग बन रहे हैं. आपके सभी कामों की तारीफ होगी.
निर्जला एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना और व्रत करने के साथ ही कमल के फूल, गुलाब के फूल, इत्र, फल, घर की बनी खीर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को अर्पित करे. इसके अलावा एकादशी पर दान करना भी बेहद शुभ होता है. इससे धन की वृद्धि होती है. सभी कामों में सफलता मिलती है. निर्जला एकादशी पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद सूर्य को जल अर्पित करने के साथ ही लक्ष्मी सूक्त और श्री सूक्त का पाठ करें. यह भी फलदायी माना जाता है. इसके अलावा 7 कौड़ियों को हल्दी की 7 गांठों के साथ लपेटकर उसकी पूजा करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है.
Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)
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