धर्म
Neem Karoli Baba Miracle Story: नीम करोली बाबा 20वीं सदी के महान संतों में से एक हैं. उन्हें भक्त हनुमान जी का अवतार मानते थे. उनके जीवन से कई सारी चमत्कारी घटनाएं जुड़ी हैं. आज इन्हींं में से एक बुलेटप्रूफ कंबल के बारे में बताते हैं.
Neem Karoli Baba: महान संतों में से एक नीम करोली बाबा कई चमत्कारों के लिए जाने जाते हैं. उनके जीवन से जुड़े कई किस्से हैं जो खूब प्रसिद्ध हैं. नीम करोली बाबा की लोकप्रियता इतनी है कि, देश-विदेश में इनके भक्त मौजूद हैं. एप्पल के मालिक स्टीव जॉब्स, फेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्क, हॉलीवुड एक्ट्रेस जूलिया रॉबर्ट्स और क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा भी उनकी भक्तों की लिस्ट में शामिल हैं.
नीम करोली बाबा के भक्त उन्हें हनुमान जी का अवतार मानते थे. उनके कई किस्सों के बारे में ’मिरेकल ऑफ लव’ (Miracle of Love) चर्चा है. इस किताब को रिचर्ड एलपर्ट (रामदास) ने लिखा है. इसमें बाबा के चमत्कारों के कई किस्से हैं. इन्हीं में से एक 'बुलेटप्रूफ कंबल' (Bulletproof Blanket) की कहानी भी है. इस किताब में बुलेटप्रूफ कंबल के बारे में जिक्र है. चलिए इसके कहानी के बारे में जानते हैं.
नीम करोली बाबा की सभी तस्वीरों में आपने देखा होगा कि, वह कंबल ओढ़ा करते थे. रिचर्ड एलपर्ट ने अपनी बुक मिरेकल ऑफ लव में बुलेटप्रूफ कंबल की कहानी बताई है. एक बुजुर्ग दंपत्ति नीम करोली बाबा के भक्त थे. वह फतेहगढ़ में रहते थे. एक बार उन्होंने बुजुर्ग दंपति के घर जाकर वहां सोने के लिए कहा कि, वह रात को यहीं पर रुकेंगे. इससे वह बहुत खुश हुए और बाबा का सेवा की. उन्होंने बाबा को सोने के लिए चारपाई और ओढ़ने के लिए कंबल दिया, जिसे ओढ़कर वह सो गए.
रात को बुदुर्ग दंपत्ति भी वहीं बाबा की चारपाई के बराबर में सो गए. बाबा रातभर कराह रहे थे जैसे उन्हें कोई मार रहा हो. उन्होंने सुबह चादर में कंबल लपेटकर बुजुर्ग दंपत्ति को दिया और कहा कि, इसे गंगा में प्रवाहित कर दें और खोलकर न देखें वरना मुसीबत में फंस सकते हो. उन्होंने यह भी कहा कि, चिंता न करें आपका बेटा महीने भर में लौट आएगा.
नीम करोली बाबा के कहने के मुताबिक, एक महीने बाद उनका बेटा घर आया जो ब्रिटिश फौज में सैनिक था. वह दूसरे विश्वयुद्ध के समय बर्मा फ्रंट से वापस आया था. उसे देख बुजुर्ग दंपत्ति बहुत खुश हुए. बेटे ने बताया कि, वह युद्ध के दौरान दुश्मन फौज के बीच घिर गया था. वहां पर रातभर गोलीबारी होती रही. लेकिन वह जिंदा बचा रहा. वह वहीं रात थी जिस रात नीम करोली बाबा उनके घर आए थे. यहीं वजह है कि, कैंची धाम में कंबल चढ़ाने की परंपरा आरंभ हुई. कैंची धाम में बाबा नीम करोली को कंबल चढ़ाने से बाबा की कृपा प्राप्त होती है. उन्हें कंबल वाले बाबा के नाम से भी जाना जाता है.
Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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