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Navratri : इन दिनों आए पीरियड तो क्या करें? परेशान होने की जगह ऐसे जारी रखें पूजा 

Period During Navratri : ज्योतिष गुरु आचार्य डॉक्टर विक्रमादित्य के अनुसार नवरात्र में पीरियड आने पर घबराना नहीं चाहिए.

Navratri : इन दिनों आए पीरियड तो क्या करें? परेशान होने की जगह ऐसे जारी रखें पूजा 
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डीएनए हिंदी : Period During Navratri : कई बार लोग पीरियड को अपवित्रता का सूचक मानते हैं. पुरानी मान्यताओं ने भी मासिक धर्म को पूजा-पाठ में खलनायक बनाने में कमी नहीं छोड़ी है. कई बार इसी वजह से नवरात्र में पीरियड आने पर मासिक धर्म को खंडित माना जाता है. कई बार महिलाएं इसे लेकर दुविधा में भी आ जाती हैं कि क्या करें, क्या न करें? इस साल 26 सितम्बर को आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की पहली तिथि है, इस दिन ही नवरात्र की शुरुआत होती है. चूंकि इस बार पूरे नौ दिन के नवरात्र हैं, पूजा और उपवास भी नौ दिन चलेगी. इस दरमियान अगर मासिक (Puja in Period) आ जाए तो जानें क्या कहता है धार्मिक और वैज्ञानिक मत? 


Period के बारे में वैज्ञानिक मत 
विज्ञान के अनुसार मासिक धर्म या पीरियड का नाता पवित्रता जैसी किसी चीज़ से नहीं है. नेशनल सेंटर फ़ॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन की वेबसाइट के अनुसार मासिक धर्म या पीरियड व्यस्क स्त्री शरीर की आम प्रजनन प्रक्रिया है. अमूमन यह 11 से 14 साल की उम्र में शुरू होता है. यह वेबसाइट आगे बताती है कि यह प्राकृतिक प्रक्रिया है पर इसके आस-पास कई भ्रांतियां और टैबू उलझे हुए हैं.  इसे जबरन पवित्रता (Puja in Period) से जोड़ा जाता है जबकि इसमें गंदे खून के बाहर निकलने जैसी कोई बात नहीं होती है. इस प्रक्रिया के दौरान शरीर गर्भाशय में 28 दिन के चक्र के दौरान बने एग्स को बाहर निकालता है. अतः इसे पवित्रता से जोड़ना उचित नहीं है. 

Period During Navratri : क्या कहता है धार्मिक मत 
ज्योतिष गुरु आचार्य डॉक्टर विक्रमादित्य के अनुसार नवरात्र में पीरियड आने पर घबराना नहीं चाहिए. कई धार्मिक मतों के अनुसार स्पर्श की पाबंदी है यानी देवी की पूजा बिना छुए की जानी चाहिए.  इस मत के अनुसार मानसिक पूजा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और मन से देवी का ध्यान करना चाहिए. 

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क्या न करें (What Not to Do in Periods)
दोनों ही धार्मिक और वैज्ञानिक मत मासिक के दौरान कठोर व्रत की मनाही करते हैं. यह शरीर के लिए नुकसानदेह है. साथ ही उन सभी दवाइयों से दूर रहना चाहिए जिसके जरिए मासिक धर्म को टाला जा सके. ऐसी दवाइयों के साइड इफेक्ट्स काफी गहरे होते हैं. 

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