धर्म
Margshirsha month आज से शुरू हो गया है, इस पूरे महीने श्री कृष्ण की आराधना करें, पूजा करें, गंगा स्नान करें, इससे मन चाहा फल, सुख शांति मिलेगी
डीएनए हिंदी: Margashirsha Month 2022, Shree Krishna Puja, Niyam, Significance- जैसे सावन का महीना शिव को प्रिय है और उन्हें अर्पित है, ठीक उसी तरह से मार्गशीर्ष माह श्री कृष्ण को प्रिय है. ये महीना कृष्ण को अर्पित कर दें और उनकी भक्ति में लीन हो जाएं. इस साल ये माह आज यानी 9 नवंबर से शुरू होकर साल के आखिरी महीने दिसंबर की 8 तारीख को खत्म हो रहा है. आज से एक महीने तक श्री कृष्ण की पूजा आराधना की जाएगी, कुछ ऐसे काम किए जाएंगे जिससे कृष्ण प्रसन्न हों. जानते हैं इस माह का महत्व क्या है.
क्या है इस माह का महत्व (Significance)
भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि मार्गशीर्ष माह को उनके समान ही समझना चाहिए. इसमें पूजा पाठ करने से भगवत कृपा सहज ही प्राप्त होती है. इस मास में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से विशेष रूप से फल मिलता है. इस माह में भगवद गीता जरूर पढ़ें. रोजाना कृष्ण को भोग लगाएं. इस माह में दान करने का खास पूण्य होता है. श्रीमदभगवत गीता में भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं कहा है कि महीनों में मैं मार्गशीर्ष का पवित्र महीना हूं. पौराणिक मान्याताओं के अनुसार मार्गशीर्ष माह से ही सतयुग काल आरंभ हुआ था. इस माह में आने वाली पूर्णिमा को मार्गशीर्ष पूर्णिमा कहते हैं.
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शास्त्र के अनुसार हर माह की पूर्णिमा जिस खास नक्षत्र में होती है. उस महीने को उसी नाम से जाना जाता है जैसे कृतिका नक्षत्र से कार्तिक महीना बना है. उसी प्रकार अगहन मास के अंतिम दिन यानी पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा मृगशिरा नक्षत्र में होता है. इसलिए इस माह का नाम मृगशिरा से ही मार्गशीर्ष रखा गया. इसे भगवान श्रीकष्ण का महीना भी कहते हैं
क्या करें, किन नियमों का पालन करें (Niyam)
धार्मिक मान्यता (Religion Significance)
मान्यता है कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर तुलसी की जड़ की मिट्टी से पवित्र नदी,नसरोवर या कुंड में स्नान करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है. इस पूर्णिमा पर किए जाने वाले काम या दान अन्य पूर्णिमा की तुलना में 32 गुना अधिक होता है, इसलिए इसे बत्तीसी पूर्णिमा भी कहा जाता है. मार्गशीर्ष पूर्णिमा के अवसर पर भगवान सत्यनारायण की पूजा व कथा भी की जाती है. कथा के बाद इस दिन सामर्थ्य के अनुसार गरीबों व ब्राह्मणों को भोजन और दान-दक्षिणा देने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं. कई लोग रोजाना पूजा करते हैं और कई लोग खास पूर्णिमा के दिन हवन करते हैं, ब्राह्मणों को भोजन खिलाते हैं, इसका विशेष लाभ मिलता है
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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