धर्म
वैदिक शास्त्र में इन दोनों योग को अशुभ और जीवन के लिए खतरनाक माना गया है. इस बार इस योग का विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा. यह 30 जून से लेकर 28 जुलाई 2025 तक रहेगा.
Mangal Shani Ketu Yuti 2025 Effects: ज्योतिष में सभी ग्रह एक समय के बाद गोचर यानी राशि और नक्षत्र परिवर्तन करते हैं. इसका प्रभाव सभी 12 राशियों के लोगों पर पड़ता है. इसमें कई शुभ और अशुभ प्रभाव पड़ता है. इसमें शुभ और अशुभ योग बनते हैं. अब 30 जून को 30 साल बाद मंगल, शनि और केतु का खतरनाक योग बन रहा है. कुजकेतु योग कई राशियों के जातकों के लिए बेहद अशुभ होता है. यहां पर वे मंगल के साथ मिलकर षडाष्टक योग बना रहे हैं.
वैदिक शास्त्र में इन दोनों योग को अशुभ और जीवन के लिए खतरनाक माना गया है. इस बार इस योग का विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा. यह 30 जून से लेकर 28 जुलाई 2025 तक रहेगा. इन 28 दिनों में 3 राशियों के जातकों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है. इस दौरान व्यक्ति को गंभीर बीमारियों से लेकर आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है.
मेष राशि वालों के लिए षडाष्टक और कुजकेतु योग अशुभ फल देगा. जुलाई महीने में पैसों का लेनदेन करते समय सावधान रहें. जल्दी बाजी में कोई भी फैसला न लें. पार्टनरशिव में व्यापार करने वालों को बेहद सावधान रहना होगा. नुकसान होने की संभावना बहुत अधिक है. इसके साथ ही जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है. बच्चों को पढ़ाई की ओर से परेशान रहेंगे.
सिंह राशि के जातकों के लिए शनि- मंगल का षडाष्टक योग और मंगल- केतु का कुजकेतु योग बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. इस दौरान स्वास्थ्य समस्याओं को झेलना पड़ सकता है. आर्थिक दबाव भी बढ़ेगा. थोड़ी भी लापरवाही आपको अस्पताल तक पहुंचा सकती है. करियर और परिवार को लेकर आप चिंता में रहेंगे. इस दौरान आपको मेहनत का फल भी नहीं मिलेगा.
वैदिक शास्त्र के अनुसार, मंगल शनि और केतु का अशुभ योग कन्या राशि के जातकों पर बुरा प्रभाव डालेगा. इस राशि वालों को 28 दिनों तक कई मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है. सेहत खराब होने से लेकर परिवार में तनाव हो सकता है. गुप्त शत्रु आपको परेशान कर सकते हैं. किसी के साथ भूलकर भी झगड़ा न करें. शत्रु परेशान कर सकते हैं. कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं.
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