धर्म
अंगारक योग मंगल और केतु की युति से बनेगा. इस योग के बनने से दुनिया से लेकर इसमें रहने वाले लोगों के जीवन में उथल पुथल मच जाती है.
Mangal And Ketu Yuti 2025: ग्रहों के राशि और नक्षत्र परिवर्तन के साथ ही अलग अलग योग बनते हैं. इनमें कई योग शुभ तो कुछ बेहद अशुभ माने जाते हैं. ऐसे ही अशुभ फल देने वाला अंगारक योग है. अंगारक योग मंगल और केतु की युति से बनेगा. इस योग के बनने से दुनिया से लेकर इसमें रहने वाले लोगों के जीवन में उथल पुथल मच जाती है. जीवन में कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
जून माह में सिंह राशि में मंगल और केतु की युति बनेगी. इसका निर्माण होने पर ही अंगारक योग बनेगा. यह 28 जुलाई तक रहेगा. ऐसे में अंगारक योग बनने की वजह से देश दुनिया और लोगों पर अशुभ प्रभाव पड़ेंगे. इस युति की वजह से दिन बहुत चुनौतिपूर्ण हो सकती है. 28 जुलाई 2025 तक मंगल और केतु की यह युति बनी रहेगी, जो बेहद मुश्किल भरी हो सकती है.
दरअसल मंगल ग्रह शक्ति और साहस का प्रतीक है. वहीं केतु बेहद रहस्यमय, मानसिक शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है. जब भी ये दोनों ग्रह मंगल और केतु एक ही राशि में विराजमान आते हैं तो व्यक्ति में गुस्सा, जल्दबाज़ी और भ्रम, क्रोध जैसी स्थिति पैदा होती है. इस दौरान व्यक्ति को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने की बहुत ज्यादा जरूरत होती है. अन्यथा आपके काम बिगड़ सकते हैं.
अंगारक योग की बीच कई तरह की समस्याएं खड़ी हो सकती हैं. इनमें पार्टनर के साथ रिश्ते खराब होने से लेकर रिलेशनशिप में तनाव, एक दूसरे से झगड़ा हो सकता है. इसके अलावा काम में जल्दबाजी, आलस्य और चिड़चिड़ापन आपके काम को खराब कर सकता है.
जब तक मंगल और केतु ग्रह की युति बनी हुई है. तब तक हर दिन सुबह उठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें. सुबह आंख खुलते ही भगवान का नाम लें. ऐसा करने से आप पर आने वाले सभी संकट और समस्याएं कट जाएगी.
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