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Mahashivratri 2025: भगवान शिव को कौन-कौन से फूल नहीं चढ़ाना चाहिए? जान लें महाशिवरात्रि पर चढ़ाने से पहले

महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा में उन्हें फूल चढ़ाने चाहिए क्योंकि इससे महादेव प्रसन्न होते हैं, लेकिन अक्सर लोग शिव की पूजा में वही फूल चढ़ाते हैं जो वर्जित माने जाते हैं.

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Mahashivratri 2025: भगवान शिव को कौन-कौन से फूल नहीं चढ़ाना चाहिए? जान लें महाशिवरात्रि पर चढ़ाने से पहले

भगवान शिव को कौन से फूल नहीं चढ़ाने चाहिए?
 

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हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा में उन्हें उनकी पसंदीदा वस्तुएं अर्पित करने की परंपरा है. इससे मुख्य देवता प्रसन्न होते हैं और भक्तों को आशीर्वाद देते हैं. प्रत्येक देवी-देवता की पूजा में कुछ चीजें ऐसी होती हैं जो अनिवार्य होती हैं, लेकिन कुछ चीजें ऐसी भी होती हैं जो वर्जित होती हैं. ऐसा ही एक फूल है केतकी, जिसे भगवान विष्णु का प्रिय माना जाता है, लेकिन भगवान शिव की पूजा में इसे नहीं चढ़ाया जाता.

भगवान शिव की पूजा में पान, धतूरा, आक के फूल और भांग चढ़ाने का विशेष महत्व है. लेकिन केतकी का फूल उनकी पूजा में वर्जित माना जाता है. इसके पीछे एक पौराणिक कथा है जो भगवान ब्रह्मा और विष्णु के बीच वर्चस्व विवाद और भगवान शिव के क्रोध से जुड़ी है.

इस वर्ष महाशिवरात्रि 26 फरवरी, बुधवार को मनाई जाएगी. इस दिन भगवान शिव की पूजा मूर्ति और शिवलिंग दोनों रूपों में की जाएगी. महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करते समय उन्हें पुष्प अर्पित करने चाहिए. इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं, लेकिन लोग अक्सर ऐसे फूल भी चढ़ाते हैं जो शिव पूजा में वर्जित माने जाते हैं. जी हां, सिर्फ केचपी ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य फूल भी हैं जिनका शिव पूजा में प्रयोग वर्जित है.

इन फूलों का उपयोग मत करो

कांटेदाल को फूल नहीं चढ़ाना चाहिए.
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को धतूरे के अलावा किसी भी प्रकार का कांटेदार फूल चढ़ाना सख्त मना है. कंटकारी पुष्प का अर्थ है कांटेदार पुष्प. क्योंकि भगवान शिव के चरणों में कंटकारी के फूल चढ़ाने से घर में पारिवारिक क्लेश उत्पन्न होता है तथा पारस्परिक संबंधों में दूरियां आती हैं.

कमल का फूल
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर कमल का फूल भी नहीं चढ़ाना चाहिए. वस्तुतः शास्त्रों में कहा गया है कि कोई भी स्थान, वस्तु, दिशा आदि शुभ नहीं होती. जो भी चीज़ किसी एक देवता के नियंत्रण में है, उस पर किसी अन्य देवता का कोई अधिकार नहीं है. कमल का फूल भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को समर्पित है, इसे शिव पूजा में न रखें.

मुरझाए फूल
लोग अक्सर ऐसा करते हैं, शिवलिंग पर फूल चढ़ाने के उत्साह में, बाजार से नए फूल खरीदते समय वे इस बात पर ध्यान नहीं देते कि फूल मुरझाए हुए हैं या टुकड़े-टुकड़े. भगवान को जो भी अर्पित किया जाता है, उसे वह श्रद्धापूर्वक स्वीकार कर लेता है, लेकिन यदि संभव हो तो विशेष पर्वों पर देवी-देवताओं को खराब फूल चढ़ाने से बचना चाहिए.
 
सूरजमुखी
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर सूरजमुखी के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए. इसका कारण यह है कि सूरजमुखी एक शाही फूल है. शिव पूजा में राजसी स्वरूप से जुड़ी हर चीज वर्जित मानी गई है. शिव पूजा में साधारण चीजों का ही प्रयोग किया जाता है क्योंकि भगवान शिव गृहस्थ होते हुए भी एकांत पसंद करते हैं.

Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)   

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