धर्म
Mahakumbh 2025 Shahi Snan: सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के महापर्व मकर संक्रांति पर स्नान दान करने का विशेष महत्व होता है. इस बार महाकुंभ के साथ मकर संक्रांति का महत्व और अधिक बढ़ गया है.
Mahakumbh 2025 Makar Sankranti Snan: आज मकर संक्रांति का पर्व मनाया जा रहा है. प्रयागराज उत्तर प्रदेश में इस समय पर महाकुंभ का आयोजन भी किया गया है. महाकुंभ में कई तिथियों को शाही स्नान के तौर पर निर्धारित किया गया है. महाकुंभका प्रारंभ हो चुका है. महाकुंभ का पहला शाही स्नान (Mahakumbh Shahi Snan) मकर संक्रांति के दिन यानी आज है. मकर संक्रांति पर पवित्र नदी में स्नान करने, सूर्य की उपासना करने, जप, अनुष्ठान और दान-दक्षिणा का महत्व होता है.
महाकुंभ और मकर संक्रांति
महाकुंभ होने से मकर संक्रांति पर्व का महत्व और अधिक बढ़ गया है. आज मकर संक्रांति के अवसर पर महाकुंभ में लाखों भक्त संगम तट पर डुबकी लगाएंगे. महाकुंभ के पहले शाही स्नान के अवसर पर 12 अखाड़ों के नागा साधु-संत संगम तट पर स्नान करेंगे. बता दें कि, मकर संक्रांति के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा. जिसके बाद शुभ कार्य किए जा सकेंगे. खरमास के दौरान शादी, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश नहीं कर सकते हैं जो कार्य अब शुरू हो जाएंगे.
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महाकुंभ के अन्य शाही स्नान
मकर संक्रांति से पहले 13 जनवरी को पहला शाही स्नान था. आज महाकुंभ में मकर संक्रांति के शाही स्नान के बाद 4 अन्य शाही स्नान होंगे. आप इन तिथियों पर भी कुंभ में स्नान के लिए जा सकते हैं. आज 14 जनवरी के बाद 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर तीसरा शाही स्नान होगा. इसके अलावा बसंत पंचमी पर 3 फरवरी 2025 को चौथा शाही स्नान होगा. 12 फरवरी माघ पूर्णिमा और 26 फरवरी महाशिवरात्रि पर पांचवा और आखिरी शाही स्नान होगा.
शाही स्नान के नियम
शाही स्नान के दौरान कई नियमों का पालन करना होता है. नागा साधुओं के स्नान करने के बाद ही गृहस्थ लोगों को महाकुंभ में स्नान की अनुमति होती है. महाकुंभ में स्नान के दौरान 5 डुबकी जरूर लगाएं तभी स्नान संपन्न माना जाएगा. नदी में स्नान के दौरान साबुन या शैंपू का इस्तेमाल करें. इससे जल अशुद्ध हो सकता है. शाही स्नान के बाद बड़े हनुमान जी के मंदिर और नागवासुकि मदिंर के दर्शन अवश्य करें.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)
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