धर्म
कथावाचक और मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी ने सबसे महाकुंभ पहुंचकर अमृत स्नान किया. उन्होंने अपना अनुभव साझा करने के साथ ही युवाओं के साथ खुशी का मंत्र साझा किया.
Mahakumbh 2025 Jayakishori: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगा महाकुंभ दुनिया के सबसे बड़े धार्मिंक समागम में से एक है. यहां संगम में स्नान करने के लिए देश ही नहीं, दुनिया भर से लोग पहुंच रहे हैं. पिछले छठ दिनों में महाकुंभ में 7 करोड़ से भी ज्यादा लोग डुबकी लगा चुके हैं. इन्हीं में कथावाचक और मोटिवेशनल स्पिकर जया किशोरी भी हैं. जयाकिशोरी प्रयागराज महाकुंभ 2025 में अमृत स्नान करने पहुंची. यहां उन्होंने अपना अनुभव साझा करने के साथ ही युवाओं से एक खास अपील की. उन्होंने खुशी का मंत्र साझा करते हुए युवाओं को मैसेज दिया कि महाकुंभ में आकर स्नान करें खुशी और आनंद की प्राप्ती करें.
पहली बार महाकुंभ में लगाई डुबकी
कथावाचक जया किशोरी ने बताया कि उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ में संगम में पहली बार डुबकी लगाई है. उनका का यह अनुभ एक दम कमाल रहा. उन्होंने बताया कि स्नान से पहले उत्साह और थोड़ी घबराहट जरूरी थी, लेकिन त्रिवेणी में डुबकी लगाते हैं. घबराहट से लेकर तनाव तक सब गायब हो गया. जया किशोरी ने कहा कि मुझे अमृत स्नान में डुबकी लगाने का मौका मिला और एक डुबकी लगाते ही एक अलग सही एनर्जी फिल हुई.
खुशी चाहते हैं जरूर महाकुंभ में लगाएं डुबकी
जयाकिशोरी ने अपना अनुभव साझा करते हुए युवाओं से अपील की है कि वे महाकुंभ में जरूर आएं. वे जो खुशी और एनर्जी चाहते हैं. वह महाकुंभ में आकर संगम में एक डुबकी लगाने से ही मिल जाएगी. उन्होंने कहा कि "हम अपने शास्त्रों में जिसे आनंद कहते हैं, वह यही से मिलेगा. अगर आप आनंद पाना चाहते हैं तो इस तरह की चीज़ों में शामिल हों. आपको कुछ बहुत अलग, लेकिन बहुत सकारात्मक और समृद्ध अनुभव की प्राप्ति होगी.
पैसे कामना और अध्यात्म
उन्होंने एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि "भगवत गीता में, अर्जुन ने एक बार भी यह नहीं कहा कि तुम्हें सब कुछ छोड़ना होगा या तुम्हें राज्य छोड़ना है. उन्हें युद्ध करना और अपने धर्म (धर्म) के अनुसार जीना सिखाया गया था. उनका धर्म युद्ध करना था. यदि आप एक छात्र हैं, तो आपका धर्म अध्ययन करना सिखना है. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि आपको इसके माध्यम से पैसा नहीं कमाना है. हर कोई पैसे के लिए काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि किसी के पास भी दो विकल्प होते हैं तो गृहस्थ और वैराग्य. अगर आप गृहस्थ का विकल्प चुन रहे हैं, तो आपको भौतिकवादी जीवन जीना चाहिए. कुछ खरीदना कोई समस्या नहीं है. यह तब होता है जब चीजें आपको खरीदती हैं. पैसे से आप अपने देश को आगे बढ़ा सकते हैं, लेकिन आध्यात्मिकता को अपने साथ रखें.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)
खबर की और जानकारी के लिए डाउनलोड करें DNA App, अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.