धर्म
इस साल महाशिवरात्रि 1 मार्च को है और इस दिन देश भर में धूमधाम से यह व्रत मनाया जाएगा. फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को यह व्रत मनाया जाता है.
डीएनए हिंदी: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का बड़ा त्योहार है. देश के अलग-अलग हिस्सों में बहुत धूमधाम से यह व्रत मनाया जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार,फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. वैसे तो हर महीने मासिक शिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है फाल्गुन माह में पड़ने वाली महाशिवरात्रि का विशेष महत्व होता है. इस दिन कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक अलग-अलग परंपराओं और रस्मों के साथ धूमधाम से शिवजी की पूजा की जाती है.
1 मार्च को है शिवरात्रि
इस दिन शिव के भक्त भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा और व्रत करते हैं. इस बार महाशिवरात्रि का व्रत एक मार्च (मंगलवार) को रखा जाएगा. भगवान शिव को सभी देवताओं में आसानी से प्रसन्न होने वाला माना जाता है. मान्यता है कि सिर्फ सच्चे मन से शिवजी को याद करते हुए शिवरात्रि का व्रत किया जाए तो भगवान शंकर प्रसन्न हो जाते हैं.
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चार पहर में होती है शिवजी की पूजा
महाशिवरात्रि के त्योहार पर भगवान शिव की पूजा 4 पहर में करने का विधान है. इस साल महा शिवरात्रि 1 मार्च मंगलवार को सुबह 3:16 बजे से शुरू होगी.शिवरात्रि की तिथि दूसरे दिन यानि चतुर्दशी तिथि बुधवार 2 मार्च को प्रातः 10 बजे समाप्त होगी.
पहले पहर की पूजा-1 मार्च की शाम को 06 बजकर 21 मिनट रात के 9 बजकर 27 मिनट तक
दूसरे पहर की पूजा-1 मार्च की रात्रि 9 बजकर 27 मिनट से रात्रि के 12 बजकर 33 मिनट तक
तीसरे पहर की पूजा-1 मार्च की रात 12 बजकर 33 मिनट से सुबह 3 बजकर 39 मिनट तक
चौथे पहर की पूजा-2 मार्च की सुबह 3 बजकर 39 मिनट से 6 बजकर 45 मिनट तक
पारण का समय-2 मार्च सुबह 6 बजकर 45 मिनट के बाद पारण का समय है
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