धर्म
माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को तिलकुंद चतुर्थी आज है और आज कई शुभ योग बन रहे हैं, जिसके चलते इसका महत्व और भी बढ़ गया है.
डीएनए हिंदीः हर महीने के दोनों पक्षों की चतुर्थी तिथि को भगवान श्रीगणेश के निमित्त व्रत-पूजा की जाती है. माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को तिलकुंद चतुर्थी (Tilakund Chaturthi 2023) कहते हैं और ये आज यानी 25 जनवरी दिन बुधवार को है. बुधवार भगवान गणपति का दिन होता है और आज के दिन चतुर्थी होना अपने आप में शुभ है.
इसे अलवा आज के दिन रवि और पद्म नाम के 2 अन्य शुभ योग भी बन रहे हैं, जिसके चलते इसका महत्व और भी बढ़ गया है. ज्योतिषाचार्य प्रीतिका मोजुमदार से जाने कि आज के दिन गणपती जी को प्रसन्न करने के लिए क्या उपाय करने चाहिए जिससे भगवान श्रीगणेश की कृपा हम पर बनी रहेगी और परेशानियां भी दूर रहेंगी. आगे जानिए इन उपायों के बारे में…
विवाह में देरी पर करें ये उपाय
जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही है, वे लोग तिलकुंद चतुर्थी पर भगवान श्रीगणेश को हल्दी की साबूत 11 गांठ चढ़ाएं. और बाद में इसे एक पीले कपड़े में लपेटकर अपने कमरे में ऐसी जगह रख दें, जहां इसे कोई देख न सके. जब विवाह हो जाए तो इसे किसी नदी में प्रवाहित कर दें.
धन लाभ के लिए
तिलकुंद चतुर्थी पर किसी गणेश मंदिर में, जहां अन्नक्षेत्र चलता हो, अनाज का दान करें. अनाज में गेहूं, चावल-दाल के अलावा थोड़ा तिल भी जरूर होना चाहिए. इस उपाय से देवताओं की कृपा आप पर बनी रहेगी और जल्दी ही धन लाभ के योग भी बन सकते हैं.
सर्व मनोकामना पूर्ति के लिए
तिलकुंद चतुर्थी पर भगवान श्रीगणेश को तिल से बने पकवान जैसे लड्डू, रेवड़ी, गजक विशेष रूप से चढ़ाएं. संभव हो तो किसी योग्य ब्राह्मण को अपनी इच्छा अनुसार तिल का दान भी करें. साथ ही कुछ दक्षिणा भी जरूर दें. इस उपाय से आपकी हर इच्छा पूरी हो सकती है और भगवान श्रीगणेश भी प्रसन्न होते हैं.
संतान की चाह के लिए
अगर कोई व्यक्ति संतान पाना चाहता है तो वे तिलकुंद चतुर्थी पर भगवान श्रीगणेश के बाल स्वरूप की पूजा करे. उन्हें मोदक का भोग लगाएं और साथ ही संतान गणपति स्त्रोत का पाठ करें. इस उपाय के बाद आस-पास रहने वाले छोटे बच्चों को प्रसाद खिलाएं. इससे आपकी हर इच्छा पूरी हो सकती है.
सुख-शांति की चाह
जीवन में सुख-शांति चाहते हैं तो तिलकुंद चतुर्थी पर भगवान श्रीगणेश का शुद्ध जल से अभिषेक करें. इसके लिए किसी योग्य ब्राह्मण को चयन करें. अभिषेक पूर्ण होने के बाद ब्राह्मण को अपनी इच्छा अनुसार दान व दक्षिणा देकर ससम्मान विदा करें. इससे आपका जीवन सुखमय बना रहेगा.
देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगल, फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर.