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Tamil Nadu: कुंभाभिषेकम पर पलानी के दंडायुथापानी स्वामी मंदिर में यज्ञ पूजा शुरू, रंगीन रोशनी से जगमगाया

कुंभाभिषेकम समारोह का आयोजन आज से 17 साल पूर्व किया गया था. इस बार कुंभाभिषेकम पर भक्तों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है.

Tamil Nadu: कुंभाभिषेकम पर पलानी के दंडायुथापानी स्वामी मंदिर में यज्ञ पूजा शुरू, रंगीन रोशनी से जगमगाया
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डीएनए हिंदी: तमिलनाडु के पलानी कुंभाभिषेकम के अवसर पर दंडायुथापानी स्वामी मंदिर में तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है. मंदिर को रंगीन लाइटों से सजाया गया है. इसके साथ ही यज्ञ पूजा शुरू हो गई है. यहां आज अभिषेक समारोह किया जाएगा. 

दरअसल,  तमिलनाडु राज्य के पलानी शहर में पलानी मुरुगन मंदिर स्थित है. यहां भगवान मुरुगा के भक्तों के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थल है. मंदिर को भगवान मुरुगा के छह घरों में से तीसरा माना जाता है और यह अपने आध्यात्मिक महत्व और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रतिष्ठित हैं.

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17 साल पहले किया गया था समारोह

कुंभाभिषेकम एक तरह का अभिषेक समारोह हैं, जो ज्यादातर हिंदू मंदिरों में किया जाता है. कुंभाभिषेकम का आयोजन आज से 17 साल पूर्व किया गया था. इसको लेकर भक्तों में खासा उत्साह और आस्था है. इसकी शुरुआत मंदिर के राजगोपुरम में पुनर्निर्मित कलश की स्थापना के साथ हुई, जिसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण और यज्ञशाला पूजा जैसे अनुष्ठानों और समारोहों की एक श्रृंखला हुई. ये अनुष्ठान मंदिर के पुजारियों की एक टीम द्वारा किए जाते हैं और इन्हें महान आध्यात्मिक महत्व माना जाता है.

6000 भक्त ही कर सकेंगे भगवान के दर्शन

व्यक्तिगत रूप से समारोह को देखने के लिए अनुमत भक्तों की संख्या 6,000 तक ही सीमित है. इसमें से 2,000 भक्तों को ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से एंट्री दी गई है. वहीं मंदिर प्रशासन ने घोषणा की है कि 24 से 27 जनवरी यानी सिर्फ 4 दिनों तक कुछ अनुष्ठान जैसे कला पूजा और थंगराथा प्रस्थान नहीं होंगे. मंदिर प्रशासन की तमाम गाइडलाइंस के बावजूद यहां भक्तों की भीड़ लगना शुरू हो गई है. भक्त समारोह में शामिल होकर भगवान मुरुगा के आशीर्वाद की प्रतीक्षा कर रहे हैं. कुंभाभिषेकम समारोह के बाद, मंदिर भक्तों के लिए अपने नियमित दर्शन के समय पर वापस खोला जाएगा. भक्तों का मानना है कि कुंभाभिषेक के दौरान मंदिर में दर्शन करने से वे भगवान मुरुगा से आशीर्वाद और कृपा प्राप्त कर सकते हैं.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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