Advertisement

Basant Panchami: बसंत पंचमी पर क्यों पहने जाते हैं पीले रंग के कपड़े और इसी रंग का लगाते हैं भोग, जानें इसकी वजह और महत्व

बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा की जाती है. मां बुद्धि और विद्या की कारक होती है. इस दिन पीले कपड़े पहनने से लेकर माता रानी को पीले रंग का भोग लगाने से माता रानी प्रसन्न होती हैं. 

Latest News
Basant Panchami: बसंत पंचमी पर क्यों पहने जाते हैं पीले रंग के कपड़े और इसी रंग का लगाते हैं भोग, जानें इसकी वजह और महत्व
Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी मनाई जाती है. इस दिन विद्या, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है. हिंदू धर्म में इसका बड़ा महत्व है. सरस्वती माता को बुद्धि और विद्या का कारक माना जाता है. बसंत पंचमी पर पीले रंग के कपड़े पहनने से लेकर मां सरस्वती को पीले रंग की चीजों से बना भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है. अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि बसंत पंचमी पर माता सरस्वती की पूजा में भोग प्रसाद से लेकर पीले कपड़े ही क्यों धारण किये जाते हैं. इस दिन पीली चीजों को दान करने का भी विशेष महत्व होता है. आइए जानते हैं बसंत पंचमी का पीले रंग से क्या कनेक्शन है. 

दरअसल हिंदू धर्म में पीले रंग को बेहद शुभ माना जाता है. पीला रंग ज्ञान और शुभता का प्रतीक है. बसंत पंचमी का दिन पीले रंग से जुड़ा है.यह सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. ये सभी चीजें पीले रंग को बसंत पंचमी से जोड़ती हैं. बसंत पंचमी पर लोग पीले रंग के वस्त्र धारण करते हैं और पीले रंग का भोजन भी बनाते हैं. माता रानी को पीले रंग का भोग लगाया जाता है. इस दिन पीले रंग के फूलों को घर से सजाया जाता है. इससे पॉजिटिव एनर्जी आती है. मां सरस्वती को पीले रंग का भोग लगाने से माता रानी की कृपा प्राप्त होती है. 

ये है वैज्ञानिक तर्क

वैज्ञानिक रूप से देखें तो पीला रंग मजबूती का कारक माना जाता है. यह मूड अच्छा करने के साथ ही गुड फीलिंग लाता है. इससे व्यक्ति के अंदर अच्छे भाव आते हैं. यही वजह है कि यह रंग बेहद शुभ माना जाता है. 

जानें कब है बसंत पंचमी और शुभ मुहूर्त

किसी भी त्योहार और तिथि में एक शुभ मुहूर्त होता है. उस शुभ मुहूर्त में सच्चे मन से भगवान की पूजा अर्चना करने पर उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है. ठीक इसी तरह बसंत पंचमी पर शुभ मुहूर्त 14 जनवरी की सुबह 7 बजकर 1 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा. इस दौरान माता सरस्वती की पूजा अर्चना करना बेहद शुभ होता है. 

ऐसे करें मां सरस्वती की पूजा अर्चना

बसंत पंचमी के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. इसके बाद पीले कपड़े धारण करने चाहिए. माता को यह रंग विशेष रूप से पसंद होता है. मंदिर की साफ सफाई कर जल का छिड़काव करें. इससे सभी चीजें शुद्ध हो जाती हैं. अब मां सरस्वती की प्रतिमा को स्थापित करें. माता का पीले रंग के कपड़े अर्पित कर सकते हैं. साथ ही पीले रंग की रोली, पीले फूल, अक्षत और मिठाई अर्पित कर दीपक जलाये. इससे माता सरस्वती प्रसन्न होती हैं और सभी की मनोकामाओं को पूर्ण करती हैं. 

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement