धर्म
Kalashtami Vrat June 2025: आज आषाढ़ महीने का कालाष्टमी व्रत है. इस व्रत में भगवान शिव के उग्र स्वरूप काल भैरव की पूजा की जाती है. कष्टों से छुटकारा पाने और घर में सुख-शांति के लिए आपको यह व्रत करना चाहिए.
Kaal Bhairav Aarti: आज 18 जून को आषाढ़ महीने का कालाष्टमी व्रत रखा जाएगा. यह व्रत कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. इस तिथि का आरंभ आज शाम को हो जाएगा. कालाष्टमी व्रत (Kalashtami Vrat) में शाम की पूजा का महत्व होता है ऐसे में आज ही यह व्रत होगा. आषाढ़ महीने के मासिक कालाष्टमी व्रत (Ashadh Kalashtami 2025) पर भगवान शिव के उग्र स्वरूप काल भैरव की पूजा की जाती है.
कालाष्टमी की पूजा निशा काल या प्रदोष काल में की जाती है. आपको कालाष्टमी व्रत की पूजा (Ashadh Kalashtami Puja Vidhi) के बाद भगवान कालभैरव की आरती अवश्य करनी चाहिए. भगवान काल भैरव की आरती (Kaal Bhairav Aarti) करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. घर में सुख-शांति के लिए आपको काल भैरव जी की आरती करनी चाहिए.
जय भैरव देवा, प्रभु जय भैंरव देवा
जय काली और गौरा देवी कृत सेवा,
तुम्हीं पाप उद्धारक दुख सिंधु तारक
भक्तों के सुख कारक भीषण वपु धारक,
वाहन शवन विराजत कर त्रिशूल धारी
महिमा अमिट तुम्हारी जय जय भयकारी,
तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होंवे
चौमुख दीपक दर्शन दुख सगरे खोंवे,
तेल चटकि दधि मिश्रित भाषावलि तेरी
कृपा करिए भैरव करिए नहीं देरी,
पांव घुंघरू बाजत अरु डमरू डमकावत
बटुकनाथ बन बालक जन मन हर्षावत,
बटुकनाथ जी की आरती जो कोई नर गावें
कहें धरणीधर नर मनवांछित फल पावें,
Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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