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Pitra Dosh Upay: पितृ दोष से मुक्ति के लिए मेष संक्रांति पर करें इन चीजों का दान, सूर्यदेव की कृपा से दूर होंगे सारे कष्ट

मेष संक्रांति पर इन चीजों का दान करने से व्यक्ति को पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और भगवान सूर्य की कृपा से सभी कष्ट दूर होते हैं. 

Pitra Dosh Upay: पितृ दोष से मुक्ति के लिए मेष संक्रांति पर करें इन चीजों का दान, सूर्यदेव की कृपा से दूर होंगे सारे कष्ट

पितृ दोष से मुक्ति के लिए मेष संक्रांति पर करें इन खास चीजों का दान

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डीएनए हिंदी: एक साल में 12 संक्रांति होती हैं और इन सभी संक्रांति का विशेष महत्व है. पंचाग के अनुसार, इस बार 14 अप्रैल को सूर्य देव मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश करेंगे. जिससे मेष संक्रांति (Mesha Sankranti 2023) का योग बनेगा. दरअसल सूर्य जिस राशि में प्रवेश करते हैं, उसी राशि के नाम पर संक्रांति होती है. अन्य संक्रांति के अलावा मेष संक्रांति को भी (Mesh Sankranti 2023 Pitra Dosh Upay)  विशेष फलदायी माना जाता है, इस बार मेष संक्रांति पर पुण्य काल का समय 15 अप्रैल को सुबह के समय है. 

स्नान दान (Snan Daan) के अलावा तर्पण के लिए यह दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए जो भी व्यक्ति पितृ दोष से परेशान है, उन्हें इस दिन तर्पण करना चाहिए.

पितृ दोष से मुक्ति के लिए इन चीजों का करें दान

मेष संक्रांति के दिन गंगा के अलावा दूसरे पवित्र नदियों में स्नान का कई गुना फल मिलता है. वहीं जो व्यक्ति पितृ दोष से परेशान है, उन्हें इस दिन तर्पण जरूर करना चाहिए. इसके अलावा इन दिन श्रीफल के तौर पर बेल का फल, सत्तू, पंखा, आम का टिकोरा और मिट्टी के घड़े में जल भरकर ब्राह्मण को दान करना चाहिए. इससे व्यक्ति को उसके सभी तरह के कष्ट से मुक्ति मिलती है और पितृ दोष का प्रभाव भी कम होता है.

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एक महीने का मिलता है फल

मेष संक्रांति के दिन दान करने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है और इस दिन दिए गए दान का फल एक महीने तक मिलता है. यही वजह है कि धार्मिक जगहों पर इस दिन स्नान, दान के लिए घाटों पर भीड़ लगी होती है.

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शुरू होते हैं मांगलिक कार्य 

इस दिन सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ खरमास समाप्त होगा. ऐसे में मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे. संक्रांति के दिन को छोड़ लग्न, मुहूर्त के हिसाब से उसके बाद विवाह, मुंडन के अलावा सभी तरह के शुभ काम किए जाते हैं.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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